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सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक पद से हटाए गए नागेश्वर राव

नई दिल्ली : केंद्र की मोदी सरकार ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) के अतिरिक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को उनके पद से हटाकर फायर सर्विस, सिविल डिफेंस और होम गार्ड का डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया है। 1986 बैच के ओडिशा काडर के आईपीएस ऑफिसर राव दो बार सीबीआई के अंतरिम चीफ का पद संभाल चुके हैं। मालूम हो कि सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर आलोक वर्मा और उनके डेप्युटी राकेश अस्थाना के बीच विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने दोनों अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया था। दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।

इसके बाद एम. नागेश्वर राव को सीबीआई के अंतरिम चीफ की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के विवाद में फैसला सुनाते हुए आलोक वर्मा को सीबीआई प्रमुख के तौर पर बहाल किया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राव को अंतरिम चीफ के पद से हटना पड़ा था। इसके बाद सरकार ने आलोक वर्मा का ट्रांसफर फायर डिपार्टमेंट में बतौर डीजी कर दिया था। वर्मा ने इस पद को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और दो दिन बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सरकार ने फिर से एम. नागेश्वर राव को सीबीआई के अंतरिम चीफ की जिम्मेदारी सौंपी। राव को फरवरी में नए सीबीआई डायरेक्टर ऋषि शुक्ला की नियुक्ति तक इस पद पर रखा गया था। शुक्ला की नियुक्ति के बाद उन्हें सीबीआई में ही अतिरिक्त निदेशक की जिम्मेदारी दी गई थी।

एम. नागेश्वर राव को उस समय सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी झेलनी पड़ी थी, जब उन्होंने बिहार के चर्चित मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मामले की जांच कर रहे अधिकारी का तबादला किया था। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा था कि जांच अधिकारी का तबादला क्यों किया गया? कोर्ट ने कहा था कि क्या एजेंसी सुप्रीम कोर्ट के आदेश से खेल रही है? इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राव के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का नोटिस भी जारी किया था।

इसके बाद राव ने बगैर शर्त माफी मांगते हुए कहा था कि उन्होंने जानबूझकर अदालत की अवमानना नहीं की है। तेजतर्रार अफसरों में गिने जाने वाले राव तेलंगाना के वारंगल जिले के रहने वाले हैं। राव लंबे समय से सीबीआई से जुड़े रहे हैं। सीबीआई हेडक्ववॉर्टर में आने से पहले राव चेन्नई में सीबीआई के साउथ जोन में बतौर संयुक्त निदेशक रहे। सीबीआई मुख्यालय में आने के बाद राव पर ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों की जिम्मेदारी रही है। राव ओडिशा और पश्चिम बंगाल में हुए चिट फंड और शारदा घोटाले की भी जांच कर रहे थे। अपनी बेहतरीन सेवाओं के लिए राव राष्ट्रपति पुलिस मेडल, विशेष कर्तव्य मेडल और ओडिशा गवर्नर मेडल से सम्मानित हो चुके हैं।

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