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साहित्य अकादेमी पुरस्कार-2018 की घोषणा

नई दिल्ली। साहित्य अकादेमी ने आज 24 भाषाओं में अपने वार्षिक साहित्य अकादेमी पुरस्कार की घोशणा की। सात कविता-संग्रह, छह उपन्यास, छह कहानी-संग्रह, तीन आलोचना और दो निबंध-संग्रह के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार घोशित किए गए। पुरस्कारों की अनुषंसा 24 भारतीय भाषाओं की निर्णायक समितियों द्वारा की गई तथा साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रषेखर कंबार की अध्यक्षता में आयोजित अकादेमी के कार्यकारी मंडल की बैठक में आज इन्हें अनुमोदित किया गया।

अपने कविता-संग्रहों के लिए पुरस्कृत कवि हैं: सनंत ताँती (असमिया), परेश नरेंद्र कामत (कोंकणी), एस. रमेषन नायर (मलयाळम्), डॉ. मोहनजीत (पंजाबी), डॉ. राजेष कुमार व्यास (राजस्थानी), डॉ. रमाकांत षुक्ल (संस्कृत) तथा खीमण यू. मुलाणी (सिंधी)। इंद्रजीत केसर (डोगरी), अनीस सलीम (अंग्रेज़ी), श्रीमती चित्रा मुद्गल (हिंदी), श्री श्याम बेसरा (संताली), एस. रामकृष्णन (तमिऴ) और रहमान अब्बास (उर्दू) को उनके उपन्यासों के लिए पुरस्कृत किया गया।

अपने कहानी-संग्रहों के लिए पुरस्कृत लेखकों में श्री संजीव चट्टोपाध्याय (बाङ्ला), ऋतुराज बसुमतारी (बोडो), मुष्ताक़ अहमद मुष्ताक़ (कष्मीरी), प्रो. वीणा ठाकुर (मैथिली), बुधिचन्द्र हैस्नाम्बा (मणिपुरी) और लोकनाथ उपाध्याय चापागाईं (नेपाली)। के.जी. नागराजप्पा (कन्नड), श्री म. सु. पाटील (मराठी) और प्रो. दाषरथि दास (ओड़िया) को उनकी आलोचना कृति के लिए पुरस्कृत किया गया। प्रो. षरीफ़ा वीजलीवाला (गुजराती) और डॉ. कोलकलुरी इनोक (तेलुगु) को निबंध-संग्रह के लिए पुरस्कृत किया गया।

इन पुस्तकों को संबंधित भाशा की त्रिसदस्यीय निर्णायक समिति ने पुरस्कार के लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया का पालन करते हुए पुरस्कार के लिए चुना है। नियमानुसार कार्यकारी मंडल ने निर्णायकों की सर्वसम्मति के आधार पर अथवा बहुमत के आधार पर चयनित पुस्तकों के लिए पुरस्कारों की घोशणा की है। पुरस्कार 1 जनवरी 2012 से 31 दिसंबर 2016 के दौरान पहली बार प्रकाषित पुस्तकों पर दिए गए हैं।

साहित्य अकादेमी पुरस्कार के रूप में एक उत्कीर्ण ताम्रफलक, षॉल और एक लाख रुपये की राषि साहित्य अकादेमी द्वारा नई दिल्ली में आयोजित साहित्योत्सव के दौरान 29 जनवरी 2019 को एक विषेश समारोह में प्रदान किए जाएँगे।

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