मध्य प्रदेश, बाघिन, शावक, बैतूल
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बैतूल: सावधान… सावधान…सावधान जंगल मे बाघ है सतर्क रहें और जंगल मे अकेले न जाये? इस तरह की मुनादी आजकल आठनेर तहसील के दक्षिण वन मंडल के आधा दर्जन गांवों में पिछले एक सप्ताह से हो रही है। खासकर चरवाहों को सावधान किया जा रहा जो बिना सोचे समझे पालतू जानवरों को चराने जंगल की ओर जाते है। इस तरह की सावधानी बरतने और चेतावनी देने के पीछे वन विभाग के पास ठोस कारण है।

दरअसल एक सप्ताह पहले नियमीत गश्ती के दौरान मोर्शी रेंज की बैरमठाना सर्किल के प्रसिद्ध धार्मिक क्षेत्र पाट्या एरिया का चिलकाप में गश्ती दल को बाघ के पगमार्क मिले। गश्ती दल ने जब पूरे इत्मीनान के साथ इन पगमार्को को और टटोला तो उनके भी होश उड़ गए। कारण चीलकाप एरिया में घनघोर जंगल और लगभग 4 फुट ऊंची घास से आच्छादित है और 20 किमी में फैला है। यंहा के प्राकृतिक जलस्त्रोतों के आस पास की तफ्तीश में बाघिन के दो शावकों के पगमार्क पाये गए। इस पक्की जानकारी की उच्च अधिकारियों ने भी पुष्टि की है और बैरमठाना, हीरादेही सर्किल में गश्तीदल को कैमरे दिए गए, ताकि उनके मूवमेंट को कवर किया जा सके।

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इस आशय की जानकारी देते हुए हीरादेही के डिप्टी रेंजर संतोष मवासे और बैरमठाना के विजय प्रकाश नाडेकर ने बताया कि इन दोनों सर्किलों के मिले जुले क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 40, 41 में बाघिन अपने दो शावकों के साथ लगभग 25 से 30 किमी एरिया जिसमे नाहलदेव भी आता है में रोजाना तफरीह कर रही है। गश्ती दल के अनुसार जंगल एरिया में जंगली सुअरों के जगह जगह कंकाल इस बात की पुष्टी कर रहे।

बाघिन अपने दोनों शावकों के साथ बैरमठाना, पलासपानी, नड़ा, मानी, छिंदवाड ग्रामों के जंगल से लेकर नहालदेव जो कि आठनेर हीरादेही रोड पर स्थित है, तक इनका मूवमेंट है। इसलिए कुछ ग्रामों में बतौर मुनादी के ग्रामीणों खासकर चरवाहों को सतर्क किया गया है। बहरहाल जो लोग आठनेर से केलबेहरा, हीरादेही, बेलकुंड क्षेत्र से देर रात तक बाइक से आते जाते रहते है, उन्हें भी इस खबर के बाद अपने समय मे बदलाव कर लेना चाहिए। ऐसी ताकीद वन विभाग की है।