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सरकार चलाना योगी आदित्यनाथ के बस की बात नहीं: अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जहरीली शराब से हुई मौतों के लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सरकार चलाना योगी आदित्यनाथ के बस की बात नहीं है. प्रशासन पंगु हो गया है और कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई है.

पूर्व सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रगति में लगातार पिछड़ता जा रहा है. बीजेपी सरकार झूठे आंकड़ों और बजट के खोखले प्रस्तावों के जरिए अगर सोचती है कि वह 2019 के लोकसभा चुनावों में जीत हासिल कर लेगी तो यह दिवास्वप्न देखने जैसे होगा. जनता अब मन बना चुकी है कि वह देश में नया प्रधानमंत्री चुनेगी.

अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी नेतृत्व की संविधान के अनुसार काम करने की न आदत है न इच्छा है. ये सरकार भी मनमाने ढंग से चला रहे हैं. उन्हें लोकलाज का भी ख्याल नहीं है. उनकी भाषा अमर्यादित है. लोकतंत्र की प्रतिष्ठा से खिलवाड़ हो रहा है. जनता का हर वर्ग असंतुष्ट और आक्रोशित है.

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार को किसानों, नौजवानों से खासकर नफरत है. सरकार ने कृषि का बजट 40 प्रतिशत घटा दिया है. रोजगार सृजन के कोई अवसर नहीं हैं. नौजवानों की एक पूरी पीढ़ी बेरोजगारी में जिंदगी काटने को मजबूर है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में नकली शराब का धंधा सत्तारूढ दल के संरक्षण में फलफूल रहा है. लोग मर रहे हैं पर सरकार कहती है कि लोग और ज्यादा शराब पियें. उसे लोगों की जिंदगी की नहीं ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली की फिक्र है. यह सरकार की संवेदनहीनता की पराकष्ठा है.

अखिलेश यादव ने कहा प्रदेश में बारिश-तूफान व ओलावृष्टि से आलू किसानों की फसल लगभग नष्ट हो गई है. किसान अब अपनी लागत भी नहीं निकाल सकेंगे. बीजेपी सरकार को किसानों की उपेक्षा का रास्ता छोड़कर तुरंत राहत का एलान करना चाहिए. गन्ना किसानों को बकाया अभी तक नहीं मिला है. मक्का किसान अपनी फसल बेचने के लिए क्रय केंद्र ढूंढ़ रहे हैं.

अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार जनता के कामों के बजाय 2019 का चुनाव जीतने की तिकड़म में ही लगी हुई है. अंदर-अंदर चुनाव जीतने की साजिशें चल रही है. सम्पूर्ण विपक्ष इसलिए चाहता है कि पारदर्शिता और स्वतंत्र-निष्पक्ष चुनाव की दृष्टि से ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव हो. बीजेपी समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी गठबंधन से बुरी तरह डरी हुई है और बौखलाहट में अनर्गल बयानबाजी कर रही है. उसका आचरण अलोकतांत्रिक और व्यवहार जनविरोधी है. जनता ने भी मन बना लिया है कि वह 2019 में बीजेपी को करारा जवाब देगी और लोकतंत्र के पक्ष में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगी.

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