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शादी के नाम पर विधुर-तलाकशुदा को ठगने वाली संस्था का पर्दाफाश

राजकोट. सौराष्ट्र (गुजरात में अविवाहित, विधुर और तलाकशुदा युवकों की शादी करवाने का झांसा देकर 30 से 60 हजार रुपए ऐंठने वाली भोपाल की संस्था का पर्दाफाश हुआ है। ये संस्था रचना नगर में स्थित है। इसके दफ्तर में मिलने वाली काजल-पूजा नामक लड़कियां खुद का परिचय संस्था की हेड के रूप में देती थीं।

भास्कर की पहल
इस संस्था की जालसाजी राजकोट में 40 पीड़ितों के सामने आने और भास्कर के समक्ष आपबीती बताने पर उजागर हुई है। भास्कर ने पुलिस को पीड़ितों की आपबीती से अवगत करवाया। राजकोट पुलिस ने इस जालसाजी का पर्दाफाश करने का फैसला कर एक टीम भोपाल भेजी। सोमवार को भोपाल पहुंची टीम ने मंगलवार को इस गैंग को दबोच लिया। अब पुलिस जांच कर रही है कि जिन लड़कियों के फोटो संस्था द्वारा दिखाए जा रहे थे, वास्तव में उन लड़कियों ने शादी के लिए पंजीकरण करवाया है अथवा ये संस्था धोखाधड़ी कर इन फोटो का इस्तेमाल कर रही है ?

संस्था की कर्ताधर्ता लड़कियां हैं
बातचीत में इन्होंने अपने नाम काजल और पूजा बताया है। ये खुद का परिचय संस्था के हैड के रूप में देकर विवाह के इच्छुक लोगों से फॉर्म भरवातीं। लड़की के परिवार से मुलाकात आदि के लिए 30 से 60 हजार रुपए तक ऐंठ लेती। फॉर्म भरने के बाद लड़कियों से मुलाकात करवाई जाती। मोबाइल नंबर एक्सचेंज होते। परिवारों से कहा जाता कि 15 दिन में सामूहिक विवाह में शादी करवाई जाएगी। इस अवधि में आप दोनों (लड़का-लड़की) बातचीत कर सकते हैं। लड़के फोन करते तो बहुत नपी-तुली बातचीत की जाती। बीमारी आदि के बहाने से टाल दिया जाता। पीड़ितों ने आपस में बात की तो पता चला कि संस्था की ओर जो फोन नंबर लड़की के दिए जाते, वे दो-पांच युवकों के बीच कॉमन होते हैं।

सौराष्ट्र के 250 से अधिक लोग जाल में फंसे 
इस संस्था के एजेंट के रूप में सौराष्ट्र में मयूर डोडिया (राजकोट) और रमेश ऊर्फ मुन्ना बाबाजी (टंकारा) काम कर रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार सौराष्ट्र में 250 से अधिक लोग इस संस्था के झांसे में आकर पैसे गंवा चुके हैं। राजकोट के जयेश भाई, शांति भाई, सुनील भाई, पंकज भाई सहित लोग सामने आए हैं। 20 दिन पहले भास्कर के समझ आपबीती कही थी। तत्पश्चात पुलिस को इत्तला दी गई। फिलहाल पुलिस अपने स्तर पर इस मामले की पड़ताल कर रही है।

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