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(विस) बिजली को लेकर विधानसभा में हंगामा

भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा में आज प्रश्नोत्तरकाल के दौरान प्रदेश की बिजली आपूर्ति और कटौती को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर आरोप प्रत्यारोप लगाए गए और तीखी नोंकझोंक हुई। प्रश्नकर्ता सदस्य भूपेन्द्र सिंह द्वारा कांग्रेस को उसके वचनपत्र की याद दिलाते हुए उस पर अमल करने की बात कहीं गई,। साथ ही उन्होंने किसानों को चुनावी वादे के मुताबिक थ्री फेज उपलब्ध करवाने की तैयारी को लेकर सदन में जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही। जवाब में उर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने जानकारी दी कि वचनपत्र में हमारी सरकार ने किसानों को 12 घंटे बिजली देने का वादा किया है, इसकी हमें पूरी तरह याद है। इसका हम परीक्षण करा रहे हैं। इस संबंध में सरकार जल्दी ही निर्णय लेंगी। जवाब से असंतुष्ठ श्री सिंह ने कहा कि इसकी समयसीमा सदन को बता दें। उत्तर में मंत्री श्री सिंह ने जानकारी दी कि तीनों विदयूत वितरण कंपनी परीक्षण कर रही है। बतौर परीक्षण बालाघाट जिले में 10 घंटे बिजली दी जा रही है। वहीं हरदा-होशंगाबाद जिले में भी 10 घंटे बिजली देने के प्रयास कर रहे हैं।सरकार के उत्तर से असंतुष्ठ विधायक श्री सिंह ने कहा कि वचन पत्र में आपने किसानों को 12 घंटे थ्री फेज बिजली देने की बात कही है और आप अपने बजट भाषण में 10 घंटे बिजली देने की बात कह रहे हैं आखिर सच्चाई क्या है इससे सदन को अवगत कराया जाना चाहिए।

जवाब में मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार वचनपत्र को पूर्णत: लागू करने के लिए प्रतिबदध है। थोडा सब्र करिए हम इसे लागे करेंगे। बीच में ही टोकते हुए वित्तमंत्री तरुण भनोत ने प्रश्नकर्ता सदस्य की ओर मुखातिब होते हुएकहा कि इतने अधीर क्यों हो रहे हो रहे हो पूरा वचन पत्र लागू करेंगे। अभी तो चार साल बाकी है।इतने सुनते ही विपक्ष के सदस्य उत्तेजित हो गए और शोरशराबा करने लगे। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि जब मंत्री जी जवाब दे रहे हैं तो बीच में बगैर अनुमति के अन्य मंत्री के बोलने की क्या जरुरत है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी परंपरा नहीं है। शोरशराबा बढता देख विस अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने सभी सदस्यों को नसीहत दी कि बीच में बगैर अनुमति के बोलकर ज्यादा उत्साहीलाल मत बनों। उन्होंने सभी सदस्यों को शांत कराते हुए कहा कि अब कोई भी मेरी बगैर इजाजत नहीं बोलेंगे। इसके बाद प्रश्न के उत्तर में उर्जामंत्री ने जानकारी दी कि वचन पत्र के पालन में ही सरकार ने प्रदेश के 19 लाख किसानों का बिजली बिल आधा कर दिया है। उन्होंने पिछली सरकार की खामियां बताते हुए कहा कि 15 वें वित्त आयोग ने पूर्ववर्ती सरकार के दौरान 36 प्रतिशत लाइन लॉस की रिपोर्ट दी है। बिजली विभाग हमें पूर्ववर्ती सरकार से ही घाटा विरासत में मिला है। उन्होंने बताया कि यह घाटा कुल 42 हजार करोड रुपए का है, इससे पाटने में समय तो लगेगा। यह घाटा हम पूरा करेंगे और व्यवस्थाएं भी ठीक करेंगे।

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