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‘विश्वास के हाईवे’ पर सरपट दौड़ेगी ‘विकास की गाड़ी’ : नकवी

नई दिल्ली:केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को कहा कि ‘विकास की गाड़ी, विश्वास के हाईवे’ पर सौ प्रतिशत के रिजल्ट के साथ दौड़ाना हमारी प्राथमिकता रहेगी।
मंगलवार को अंत्योदय भवन में अल्पसंख्यक मंत्रालय के अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए नकवी ने कहा कि ‘विश्वास के हाईवे’ पर न कोई ‘स्पीड ब्रेकर, न कोई रोड़ा’ आने पाये इसके लिए हमें चौकस और चौकन्ना रहना होगा। बैठक में अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री किरन रिजिजू भी मौजूद रहे।
नकवी ने कहा कि ‘3ई’ यानि ऐजुकेशन(शिक्षा), एम्प्लॉयमेंट(रोजगार-रोजगार के मौके) एवं इम्पावरमेन्ट(समाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण) हमारा लक्ष्य हैं। इसे पूरे परिश्रम के साथ हासिल करना है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए “पढ़ो-बढ़ो” अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ उन दूर-दराज के इलाको में जहां आर्थिक-सामाजिक कारणों से लोग लड़कियों को शिक्षा के लिए नहीं भेजते वहां शैक्षिक संस्थानों की सुविधा एवं साधन उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर काम होगा।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि आने वाले पांच वर्षो में पांच करोड़ विद्यार्थियों को ‘प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप’ दी जाए, जिनमें 50 प्रतिशत से ज्यादा लड़कियों को शामिल किया जाएगा। ‘प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप’ की प्रक्रिया को भी सरल एवं पारदर्शी बनाया गया है, जो कि प्रत्यत्र लाभ हस्तांतरण(डीबीटी) माध्यम से होगी। उन्होंने कहा कि दस्तकारों, शिल्पकारों और कारीगरों को रोजगार से जोड़ने और मौका-मार्केट मुहैया कराने के लिए अगले पांच वर्षो मे 100 से अधिक ‘हुनर हाट’ का आयोजन देश भर में किया जाएगा। साथ ही उनके स्वदेशी उत्पादनों की ऑनलाइन बिक्री हेतु व्यवस्था भी की जाएगी।
नकवी ने कहा कि अगले पांच वर्षों में 25 लाख नौजवानों को रोजगारपरक कौशल विकास कराया जाएगा। साथ ही ‘सीखो और कमाओ, ‘नई मंजिल’, ‘गरीब नवाज़ कौशल विकास’ और ‘उस्ताद’ जैसे रोजगारपरक कौशल विकास कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सौ से ज्यादा मोबाइल वैन के माध्यम से शिक्षा-रोजगार से जुड़े सरकार के कार्यक्रमों की जानकारी के लिए देशभर में अभियान चलाया जाएगा। इसमें सांस्कृति कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, योजनाओं की लघु फिल्म आदि के माध्यम से जागरुकता पैदा की जाएगी। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में ‘प्रगति पंचायत’ का भी आयोजन होगा, जहां वह स्वयं मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ रहेंगे। मंत्रालय की सभी योजनाओं को पारदर्शी और ‘पीपुल्स फ्रेंडली’ बनाने के लिए 100 प्रतिशत ऑनलाइन व्यवस्था की गयी है। बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह से खत्म कर दी गयी है।
नकवी ने बताया कि जल्द ही मुंबई, रांची, लखनऊ, केरल में जोनल समन्वय बैठके होंगी, जिसमे अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं राज्य सरकारों के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की समीक्षा करेंगे।
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