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विचारों से कोई समझौता नहीं होगा,भाजपा से कोई विवाद नहीं और न ही कोई भ्रम

पटना. लोक संवाद कार्यक्रम में सोमवार को संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हम बुनियादी सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करते। जदयू धारा 370, राम मंदिर और समान नागरिक संहिता जैसे विवादित मुद्दों पर अपना विरोध जताता रहेगा।

उन्होंने कहा कि इस पर हमारा स्टैंड क्लियर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हमारे संबंध बेहतर हैं लेकिन हम अपने विचारों से समझौता नहीं कर सकते हैं। केंद्र सरकार में शामिल होने को लेकर जदयू और भाजपा के बीच न तो कोई विवाद है और न ही भ्रम की स्थिति। कहीं कोई समस्या नहीं। बिहार के विकास के लिए, बिहार के हित के लिए किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आएगी, मुझे ऐसा पूरा भरोसा है।

नीतीश ने कहा कि बिहार के लोगों ने काम के आधार पर लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को समर्थन दिया। मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर उन लोगों ने कई बार बात की लेकिन हमने मना कर दिया। इस मामले में हमारी कोई नाराजगी नहीं। जब हम बिहार में एनडीए के साथ हुए तब भी सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव हमारे पास आया था। उस समय भी हमने इनकार कर दिया था। आजकल महागठबंधन की ओर से भी तरह-तरह की बातें की जा रही हैं। हम न तो उनकी आलोचनाओं पर ध्यान देते थे और न ही हम आज उनकी ओर से की जा रही बातों पर ध्यान देते हैं।

सीएम ने कहा केंद्र सरकार जो योजना चलाती है तो वो योजना पूरी तरह से केंद्र की योजना रहे और राज्यों के लिए अलग-अलग स्कीम होनी चाहिए। कभी-कभी नीतिगत फैसलों के कारण सेंट्रल बेस्ड स्कीम से काम करने में दिक्कतें आती हैं। यह वैचारिक विषय है और इसके बारे में सभी राज्य सोचते हैं कि विकास के लिए कैसे प्लानिंग हो?

उन्होंने कहा कि नीति आयोग की बैठक में हम बिहार के विकास के संबंध में अपनी बातें रखेंगे। विशेष राज्य के दर्जे का मुद्दा 14वें वित्त आयोग ने अपने एक वाक्य से खारिज कर दिया था, लेकिन 15वें वित्त आयोग के समक्ष बिहार एनडीए के तीनों घटक दलों ने अपनी बात रखी है। अगले पांच वर्षों में बिहार को विकसित राज्य की श्रेणी में लाने के लिए काम करेंगे।

चुनाव के पहले से ही विरोधियों द्वारा मेरे बारे में कई बातें कही जाती थी, मैं उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता था। चुनाव के दौरान जनता के बीच हम लोगों ने अपनी बातों को रखा, हमनें 171 मीटिंग की। जनता ने अपना रिस्पांस दिया और जनता ने उन्हें कहां पहुंचाया, आप सब जानते हैं।

वोटिंग करने के बाद और चुनाव परिणाम आने के बाद आप सब के प्रश्नों का मैंने जवाब दिया है। बिहार की जनता ने काम के आधार पर हमलोगों को अपना समर्थन दिया है। हमलोग चुनाव के बाद फिर से लोगों की सेवा में लग गए हैं।

चुनाव के दौरान भ्रमण के क्रम में जनता के बीच की अन्य समस्याओं की जो जानकारी मिली है, उसके समाधान के लिए भी लगे हैं।

मंत्रियों, अधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं। लगभग ढाई माह तक चुनावी गतिविधियों में उलझे रहने का बाद अब फिर से काम करने का मौका है। इसलिए हमारा पूरा ध्यान विकास के काम, सूखा संकट और विधि-व्यवस्था पर है।

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