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वर्ल्ड कप में रायुडू नहीं शंकर को मिले मौका : मांजरेकर

मोहाली:अपने तीसरे वर्ल्ड कप जीतने के मिशन में जुटी टीम इंडिया का फोकस इस समय वर्ल्ड कप टीम तैयार करने पर ही है। टीम इंडिया का टॉप 3 बैटिंग क्रम तो सालों पहले से ही सेट है और वह दुनिया में किसी भी टीम से ज्यादा दमदार नजर आता है। लेकिन नंबर 4 का क्रम पिछले 3 सालों की मेहनत के बाद भी अभी तक तय नहीं हो पाया है। टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी और कॉमेंटेटर संजय मांजरेकर अब इस क्रम के लिए टीम को नई सलाह दे रहे हैं। मांजरेकर चाहते हैं कि वर्ल्ड कप में नंबर 4 पर विजय शंकर को बैटिंग का मौका मिले। विजय शंकर में स्ट्राइक रोटेट करने के साथ-साथ छक्के मारने की जो क्षमता है, उस लिहाज से वह मेरे लिए नंबर 4 की पोजिशन पर बेस्ट चॉइस हैं। उन्हें एक बल्लेबाज के तौर पर ही खिलाना चाहिए। टीम के लिए बतौर गेंदबाज वह सिर्फ 3 ओवर भी फेंकते हैं, तो यह टीम के लिए बोनस होगा, लेकिन उन्हें अभी 6-7 या 10 ओवर का पूरा कोटा फेंकने वाला बोलर नहीं समझना चाहिए।

जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वह अंबाती रायुडू को इस क्रम (नंबर 4) के दावेदार के तौर पर नहीं देखते। इस पर मांजरेकर ने कहा, जब वेलिंग्टन में उन्होंने न्यू जीलैंड के खिलाफ 90 रन बनाए, तो मुझे विश्वास था कि उन्होंने इस क्रम पर अपनी जगह पक्की कर ली है। लेकिन इस सीरीज की 3 पारियों में कम स्कोर और विजय शंकर के खुद को साबित करने के बाद उन पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। मांजरेकर से जब यह पूछा गया कि अगर नंबर 4 पर खुद कप्तान विराट कोहली बैटिंग पर आएं, तो कैसा रहेगा। इस पर इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा, उन्हें हर हाल में नंबर 3 पर ही बैटिंग करनी चाहिए। ऐसा कोई कारण नहीं है कि जो बल्लेबाज नंबर 3 पर खेलकर टीम को लगातार जीत दिला रहा है हम उसके बैटिंग क्रम को नीचे खिसका दें। वर्ल्ड कप मिशन में टीम को धोनी की जरूरत है। वह धोनी ही हैं, जिनकी देखरेख में कलाइयों के दो उम्दा स्पिनर्स (कुलदीप और चहल) अपना जलवा दिखा रहे हैं।

वर्ल्ड कप में भारत को धोनी के शांत स्वभाव की जरूरत है। उनकी विकेटकीपिंग की क्षमता पर किसी को कोई संदेह नहीं है। इसके अलावा टीम को उनकी बैटिंग का भी इस्तेमाल अच्छे से करना चाहिए। वह आसानी से आउट होने वाले बल्लेबाज नहीं हैं। टीम को इस खिलाड़ी का इस्तेमाल फ्लोटर के तौर पर (परिस्थितियों के लिहाज से किसी भी क्रम पर) करना चाहिए। धोनी की पोजिशन पर अभी तक कोई भी खिलाड़ी कोई चुनौती पेश नहीं कर पाया है। ऐसे में वह टीम के लिए बेहद उपयोगी खिलाड़ी हैं।

टीम इंडिया का मिडल ऑर्डर अब पहले की तरह मजबूत नहीं दिखता। इसे टीम का कमजोर पक्ष माना जा रहा है। इस वर्ल्ड कप में भारत दुनिया की बेस्ट टीम है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वे निश्चिततौर पर यह वर्ल्ड कप जीतने जा रहे हैं। वे मिडल ऑर्डर से नरम दिख रहे हैं। यह मिडल ऑर्डर अब पहले की तरह मजबूत नहीं है, जिसमें कभी गौतम गंभीर, युवराज सिंह और सुरेश रैना जैसे दिग्गज खिलाड़ी होते थे। यह हमारी कमजोरी है, जिसके साथ वर्ल्ड कप में जा रहे हैं।

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