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रमजान मुबारक : यह अल्लाह रमजान के बाद भी हमें, रमजान जैसे अमल करने की तौफ़ीक़ अता फरमाना

1. यह अल्लाह रमजान के बाद भी हमें, रमजान जैसे अमल करने की तौफ़ीक़ अता फरमाना।

2. अपना कहने से कोई अपना नहीं होता, अपना वो होता है जिसे दिल से अपनाया जाता है।

 

3. जिंदगी की हक़ीकत सिर्फ इतनी होती है, जब जागता है इंसान तो किस्मत सोती है, इंसान जिस पर अपना हक़ खुद से ज्यादा समझता है, वो अमानत अक्सर किसी और की होती है।

4. मोहब्बत में किसी का इंतजार ना करना, अगर हो सके तो किसी से प्यार ना करना, कुछ नहीं मिलता किसी से मोहब्बत करके, खुद की ज़िन्दगी इस पर बेकार ना करना।

5. हर बार इल्जाम हम पर लगाना ठीक नहीं, वफ़ा खुद से नहीं होती खफा हम पर होते हो।

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