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ये कारण बन जाते है महिलाओं के मिसकैरेज की वजह, महिलायें ये खबर इग्नोर न करें

मिसकैरेज की समस्या मुख्य रूप से महिलाओं में शुरुआती महीनों में होती है। ज्यादातर मिसकैरेज शुरुआती तीन महीनों में होने की संभावना ज्यादा होती है। आज हम आपको बताएँगे कि महिलाओं में मिसकैरेज की मुख्य वजह क्या होती है। आइये जानते वो कारण जिनकी वजह से मिसकैरेज होते हैं।

आमतौर पर मिसकैरेज की मेडिकल वजहें होती है मसलन जेनेटिक कारण, प्लासेंटा की स्थिति, लगातार इन्फेक्शन, डायबिटीज की वजह से होने वाला इन्फेक्शन, गलत मेडीसिन खाना आदि। पहले ट्राइमेस्टर में होनेवाले 90 फीसदी मिसकैरेज जिनेटिक कारणों से होते हैं। ज्यादा उछल, कूद डांस, दूसरे बच्चे का बहुत जल्दी आना भी मिसकैरेज की वजह बन सकता है।

पहले तीन महीनों में मिसकैरेज होने का सबसे बड़ा कारण है बच्चेदानी में खराबी। 30 से 35 प्रतिशत मामलों में महिलाओं की बच्चेदानी मे समस्या होने के कारण गर्भपात हो जाता है।

बच्चेदानी में किसी प्रकार रोग व संक्रमण होने के कारण गर्भ नहीं ठहर पाता है। ज्यादातर बच्चेदानी के रोग इलाज से ही ठीक हो जाते है लेकिन अगर इसमें पहले से ही कोई खराबी है तो इसके ठीक होने के चांस बहुत ही कम होते है। जैसे किसी महिला की बच्चेदानी एक ना होकर 2 भागों मे बंटी हो। इसमें गर्भ बच्चेदानी के किसी एक भाग में हो सकता है या दोनो भागों में भी। इस तरह अगर बच्चेदानी का आकार सामान्य से आधा होगा तो इसमे बच्चे को पूरा पोषण नहीं मिल पाएगा और ना ही गर्भ का पूरी तरह विकास हो पाएगा जिसके कारण गर्भ आधे-अधूरे मे ही गिर जाता है।

 

महिलाओं में पहले के तीन महीनों में मिसकैरेज के कारणों में शराब, सिगरेट पीना या नशीली दवाओं का सेवन करना है। किसी लम्बी बीमारी के कारण लगातार कई वर्षों तक दवाईयों का सेवन करना, जिनमें ड्रग्‍स की मात्रा ज्यादा हो। पहले तीन महिनों में मिसकैरेज के कारणों में से 50 प्रतिशत मामलों में पुरुष दोषी होते हैं। जिसका कारण होता है पुरुष के स्पर्म में किसी तरह की खराबी होना। किसी-किसी पुरुष के स्पर्म में बच्चे को बनाने वाले जीवाणु ही नहीं होते। लेकिन अगर उनके जीन्स में वंशानुगत खराबी हो या किसी और तरह को स्पर्म दोष हो तो इसके कारण कई बार महिलाओं को मिसकैरेज हो सकता है।

 

किसी प्रकार की शारीरिक कमी के कारण गर्भधारण करने की क्षमता में कमी भी कई बार मिसकैरेज का कारण बनती है। कई बार महिलाओं में मिसकैरेज शरीर में किसी तरह के रोगों के कारण होता है। उपदंश रोग में महिलाओं का गर्भ ठहर तो जाता है लेकिन अक्सर गर्भपात हो जाता है। ऐसे ही मधुमेह रोग में भी गर्भपात होने के चांस बहुत ज्यादा होते है। लेकिन अगर सही तरीके से इलाज कर लिया जाए तो हालात को सुधारा जा सकता है। मिसकैरेज होने के लिए जो रोग जिम्मेदार हैं, वह मधुमेह, उपदंश, क्रानिक नेफराइटिस, गुर्दे में खराबी, हाई ब्लडप्रेशर, बच्चेदानी में रसौली और एनीमिया या पोषण की कमी आदि।

पहले तीन महीनों में मिसकैरेज के कारणों में कई बार जहरीली गैस, कीटनाशक के संर्पक में आना, या किसी रेडियेशन के कारण भी मिसकैरेज होता है। एक बार मिसकैरेज होने पर तीन महीने बाद ही गर्भधारण करें।

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