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दुमका: एसपी महिला कॉलेज की एक आदिवासी छात्रा को मोबाइल चोरी के आरोप में निर्वस्त्र कर उसकी तस्वीर लेने के बाद उसे वायरल करने के मामले की जांच के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कल्याणी शरण ने कहा कि छात्रावास की वार्डन अंजू मुर्मू को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सबसे ज्यादा छात्रावास की वार्डन ही दोषी हैं, क्योंकि सब कुछ उनकी जानकारी में हुआ।

कल्याणी शरण ने कहा कि जांच में पता चला है कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने पीड़िता से मारपीट कर मोबाइल फोन चोरी करने की बात जबरन कबूल करवाई। इसके बाद उसे निर्वस्त्र करके उसके गले में मोबाइल फोन टांगकर उसकी तस्वीर खींची और फिर अपने दोस्त को बुलाया, जिसने वह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। महिला आयोग अध्यक्ष समिति के दो सदस्यों के साथ सबसे पहले पीड़िता के घर पहुंचीं, जहां पीड़िता एवं उसके माता-पिता का बयान दर्ज किया गया। इसके बाद आयोग की टीम एसपी महिला कालेज पहुंची और डॉ रेणुकानाथ से पूछताछ की, जिन्हें प्राचार्य पद से हटा दिया गया है।

महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि कॉलेज एवं हॉस्टल में अनुशासन की बहुत कमी है। छात्रावास में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए हैं, सुरक्षागार्ड भी लापरवाह हैं। आयोग की टीम में जिला प्रभारी आरती राणा एवं सदस्य शर्मिला सोरेन शामिल थीं। घटना को लेकर सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय ने एसपी महिला कालेज की प्राचार्या डॉ रेणुकानाथ को उनके पद से हटा दिया है। कॉलेज के संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. सुष्मिता बोस को कालेज की नई प्राचार्या बनाया गया है। कुलपति डॉ मनोरंजन प्रसाद सिन्हा ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में ऐसी घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

दुमका के उपायुक्त मुकेश कुमार ने बताया कि गृह विभाग की ओर से पीड़ित छात्रा को बुधवार को 50,000 रुपये की सहायता का चेक दिया गया है। उपायुक्त ने कहा इस अमानवीय घटना के सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही मनोचिकित्सक द्वारा पीड़िता की काउंसलिंग कराई जाएगी, ताकि उसे इस घटना से उबरने में मदद मिल सके।