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मच्छर वर्ग मे भारी हलचल थी। छोटे बउs काले पीले छोटे डंक वाल्रे, बडे डंक वाले सभी अपनी मादाओं के साथ आये थे सभी मादाये एकस्ट्रा ठसक के साथ आई थी वे गर्व से सरागोर दिख रही थी क्योकि कइz नामी गिरामी बीमारियों को फेलाने का उनका काम बदस्तूर जारी था जिसे वे कुशलता पूर्वक कर रही थी और पूरे भारत मे हडकम्प मचा था।
एक बडे से गंदे नाले पर यह सभा जुटी थी। कीचड पर बैठे सब मच्छरो को नाले के पानी कोल्ड ड्रिंक के रूप में परोसा गया था। उन सबके पूर्वज मलेरिया के साघारण मच्छर के अलावा डेंगू,चिकनगुनिया और नवजात लेकिन सबसे तेज जीका वायरस भी था। मच्छरों की इस सभा मे उस बात को लेकर हडकम्प मचा था जिसमे कहा गया था कि अब इन बीमारी फैलाने वाले मच्छरों का डीएनए बदला जायेगा। इसके लिए जीन एडिटिंग टेक्नालाजी का इस्तेमाल किया जायेगा। आज की सभा मे यही प्रमुख मुदृदा छाया हुआ था।
सभी मच्छर जात इसको लेकर चिंतित थे कि आखिर उनकी कोन सी प्रजाति पर यह गाज गिरेगी मादा एनीफिलीज जिसे कि मलेरिया फैलाने की जिम्मेदारी मिली हुई थी। उसने सबसे वरिश्ठ सदस्य एडीज मच्छर से पूरी जानकारी का खुलासा करने की मांग की ।


एडीज मच्छर ने अपने डंको को अपने थूथन पर फेरते हुए । अपनी जानकारी को अन्य मच्छरों मे षेयर करने षुरू किया। देखिये आज हमारे सामने अस्तित्व का संकट आन पडा है पहले तो कुत्तों की नसबंदी की जाती रही है, सरकार द्वारा जबरन यह कार्य किया जाता रहा है। अब सरकार हमारे पीछे पडने वाली है हमारा डीएनए बदलने की सरकर ने ठान ली है। हमने इतने सालों की तपस्या के बाद भारत को चुना था और यहां मलेरिया बुखार को बुलंदी पर पहुचाया था। भारत मे इन बीमारियो को हमने बुलंदियों पर पहुचाया था। इसके बाद हमने डेंगू चिकनगुनिया जैसी बीमारिये के बाद जीका वायरस से बीमारियां फैलाई। ये सब जानलेवा बीमारियां हमने बडी मेहनत से बनाई थी आज मानव हमारे इस साम्राज्य को छिन्न भिन्न करने मे लगा हुआ है। एडीज जी बोलते जा रहे थे उनके नथूने आग उगल रहे थे वे इन जानलेवा बीमारियो के बारे मे चिंतित थे।
सब मच्छरो मे उत्सुकता बढती जारही थी कि कैसे डीएनए बदलेगा, किसका बदलेगा। एडीज ने सबकी उत्सुकता को भांपकर बताया कि जैसी कि मुझे भारत सरकार के एक अघिकारी कि फाईल मे बेठने के बाद जानकारी मिली कि यह गाज सबसे ज्यादा मौजूद मच्छर एनोफिलीज स्टेफैंसी का जेनेटिक्स बदलकर प्लाज्मोडियम फैल्सीफेरम नाम के पैरा साईट को रोका जा सकेगा। जिससे मलेरिया फैलता है।
एडीज की बात सुनकर एनाफिलीस मच्छर की आंखे मे आंसू आ गये क्योंकि डीएनए बदलने की गाज उस पर ही गिरने वाली थी। सारे प्रजाति के मच्छरों ने उसे घेर लिया सब सहानुभूति जताने लगे। मच्छरो का डीएनए बदले की बात पर सभा मे सन्नाका ख्ंिाचा था। इघर युवा जीका वायरस ने गुस्से मे कहा कि मैने अभी अभी तो भारत मे प्रवेष किया है और अभी पूरी तरह से काम भी षुरू नही कर पाया था कि आते ही संकट का सामना करना होगा। सारे मच्छर अपनी परंपरागत आवाज मे भिन्नाने लगें षोरगुल बढता देख अगले सण्डे के लिए सभा स्थगित कर दी गई।