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मंत्री पद न मिलने के बाद पहली बार अनुप्रिया पटेल ने तोड़ा मौन, मिर्जापुर में बोलीं…

भारतीय जनता पार्टी 30 मई को सरकार बना चुकी है। नरेंद्र मोदी ने पीएम पद की शपथ ली और उनके साथ ही कई सांसदों ने भी इस शपथ में हिस्सा लिया। हालांकि शपथ लेने से पहले ही सांसदों को फोन आ गया था कि उनको मंत्री पद की शपथ लेनी है। अनुप्रिया पटेल को भी फोन आया था। वो दिल्ली पहुंच भी गई थीं लेकिन उससे पहले ही नरेंद्र मोदी के साथ चाय पार्टी में मामला फंस गया और अनुप्रिया मंत्री पद से चूक गईं। जागरण डॉट कॉम वेबसाइट के मुताबिक मंत्री न बनने के बाद पहली बार उन्होंने चुप्पी तोड़ दी और बड़ा ऐलान कर दिया।

चाय पार्टी में मोदी ने बुलाया था

शपथ ग्रहण से पहले नरेंद्र मोदी ने उन सांसदों को चाय पर बुलाया था जिनको शपथ लेनी है। इनमें अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल का नाम भी शामिल था। वो भी उन सांसदों में थीं जिन्होंने मोदी के साथ चाय पार्टी में बातचीत की। हालांकि वो इस वजह से मंत्री बनने से चूक गईं। अनुप्रिया पटेल को मोदी ने चाय पार्टी में कहा था कि उनको राज्यमंत्री का पद दिया जा रहा है। हालांकि इस प्रस्ताव पर वो भड़क गईं। इसके बाद उन्होंने स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री बनाने की मांग रख दी जिसको खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने नाराजगी में पद लेना अस्वीकार कर दिया। हालांकि उनको भाजपा ने मनाया भी नहीं और वो मंत्री बनने से चूक गईं।

अनुप्रिया ने कही ये बात

अनुप्रिया ने मंत्री पद न मिलने के बाद गुरुवार को मिर्जापुर पहुंचकर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने नगर स्थित घंटाघर परिसर में सम्मान समारोह में कहा कि जिले के वोटरों ने उन पर भरोसा जताकर संसद में भेजा है। उन्होंने जनता का शुक्रिया अदा किया और बड़ा ऐलान कर दिया। उन्होंने ऐलान किया कि पिछले पांच साल में उन्होंने जितना विकास किया, इस बार वो उसका चार गुना ज्यादा विकास करेंगी।

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