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प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री अमरेन्द्र के बीच सियासी टकराव हुआ तीखा

जालंधर/चंडीगढ़:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह के मध्य सियासी टकराव और तीखा हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले कठुआ में चुनावी रैली में जलियांवाला बाग नरसंहार की शताब्दी को लेकर मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह के खिलाफ बयानबाजी की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पलटवार किया था। आज पुन: मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह पंजाब में कांग्रेस सरकार के साथ भेदभाव कर रहे हैं। भाजपा का विभाजात्मक एजैंडा देश के लिए खतरनाक है। मुख्यमंत्री ने मोदी से पूछा कि जलियांवाला बाग समारोहों में बादलों ने भी केन्द्र सरकार के कार्यक्रम में भाग नहीं लिया था।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के कार्यक्रम में न तो प्रकाश सिंह बादल, न सुखबीर बादल और न ही मोदी सरकार की कैबिनेट मंत्री हरसिमरत बादल ने भाग लिया।तीनों में से कोई भी जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए नहीं आया, जबकि उन्होंने अपनी सरकार की तरफ से 12 अप्रैल को कैंडल मार्च निकाला तथा उसके बाद 13 अप्रैल को सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ जाकर जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से पूछा कि वह स्वयं जलियांवाला बाग के शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए अमृतसर क्यों नहीं आए।

इसी तरह से बादलों के परिवार से भी समारोह में भाग लेने कोई नहीं आया। उन्होंने मोदी से कहा कि पहले तो वह अपनी गैर-हाजिरी के बारे में बात करें। रा’य सरकार ने जलियांवाला बाग शताब्दी समारोह के समानांतर कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया बल्कि राज्य सरकार ने अपनी ओर से केन्द्र सरकार के कार्यक्रम को भी मदद दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार शर्मनाक ढंग से इस सारे मामले को उछालने में लगी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि वह वोटों के लिए सकारात्मक एजैंडा लेकर आएं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि मोदी ने तो श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव समारोहों के लिए अभी तक एक भी पैसे की ग्रांट जारी नहीं की। उन्होंने कहा कि मुझे आशंका है कि मोदी सरकार की नीयत साफ नहीं है तथा वह प्रकाश पर्व के अवसर पर भी समानांतर कार्यक्रम रख सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि करतारपुर कॉरीडोर का जब नींव पत्थर नवम्बर महीने में रखा गया था उस समय भी प्रधानमंत्री व भाजपा के इशारों पर धार्मिक कार्यक्रम में श्रेय लेने का कार्य शुरू कर दिया गया था।

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