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पुरानी गलतियां अब नहीं होंगी,सरकार ने कहा- जेट का संकट सुलझ सकता है

नई दिल्ली. नागरिक विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि सरकार जेट एयरवेज की समस्या को सुलझा सकती है। नागरिक उड्डयन क्षेत्र में पहले हुई गलतियों को सरकार नहीं दोहराएगी। उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान यह बात कही। पिछले महीने दोबारा सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार की तरफ से कर्ज में डूबी एयरलाइन को लेकर यह पहला बयान आया है।

जेट के कर्जदाता बैंक निवेशक तलाश रहे हैं

  1. कर्ज के बोझ, ईंधन की बढ़ती कीमतों की वजह से जेट अन्य एयरलाइनों से प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाई। इसे 17 अप्रैल से अपनी उड़ानों का संचालन बंद करना पड़ा था, जबकि एक समय यह देश में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी एयरलाइन थी। एयरलाइन के बंद होने के बाद कंपनी के 20,000 से अधिक कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। इनमें पायलट, इंजीनियर और क्रू भी शामिल हैं।
  2. इसके अलावा देशभर में एयरलाइन इंडस्ट्री में हवाई किराए भी बढ़ गए। पिछले कुछ दिनों से जेट एयरवेज और इसे कर्ज देने वाले बैंक नए निवेशकों की तलाश कर रहे हैं। जबकि कर्मचारी एसोसिएशन सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। लेकिन आम चुनाव में जीत के बाद से केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर अब तक चुप्पी साध रखी थी।
  3. जेट के विमानों का मेंटेनेंस ठप, डीजीसीए ने इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की मान्यता रद्द की

    विमानन नियामक डीजीसीए ने जेट एयरवेज के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की मान्यता रद्द कर दी है। वे विमानतल में प्रवेश ही नहीं कर सकेंगे। इससे जेट के बेड़े में बचे 14 विमानों का मेंटेनेंस मुश्किल हो जाएगा। उड़ान न भरने के बावजूद इनके मैंटेनेंस की जरूरत है। जेट के इंजीनियरों की संख्या लगभग 500 है। डीजीसीए के इस कदम से जेट एयरवेज पर अन्य एयरलाइंस के लिए थर्ड-पार्टी मैंटेनेंस करने पर भी रोक लग गई है। नागरिक विमानन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, जेट विमानों के मैंटेनेंस के लिए बने न्यूनतम मापदंड को पूरा नहीं कर पा रही ही थी। इस वजह से यह कार्रवाई की गई है।

  4. जेट के बेड़े में बचे 14 विमानों में मुख्य तौर पर चौड़ी बॉडी वाले बोइंग 777 विमान हैं। इनका मालिकाना हक जेट के ही पास है। एयरलाइन के अन्य ज्यादातर विमान लीज पर थे। किराया न अदा कर पाने की वजह से लीजिंग कंपनियां अपने विमानों को डीजीसीए से डी-रजिस्टर्ड करा वापस ले चुकी हैं।’ एक्सपर्ट्स के मुताबिक अब जेट एयरवेज के फ्लाइंग परमिट की बहुत कम वैल्यू रह गई है।
  5. जेट के अधिकारियों की अहम बैठक, पेंडिंग पेमेंट की रिपोर्ट तैयार होगी

    इस बीच जेट एयरवेज के शीर्ष अधिकारियों की एक अहम बैठक हुई है। इसमें एयरलाइन को फिर शुरू करने के तमाम प्रयासों पर चर्चा हुई। इसमें वेंडर के पेंडिंग भुगतान पर भी रिपोर्ट बनाने को कहा गया है। कर्ज देने वाले बैंकों ने जेट से ऐसे वेंडरों की लिस्ट मांगी है जो एयरलाइन के ऑपरेशन को दोबारा शुरू करने में मदद कर सकते हैं। सू्त्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लीगल और ऑपरेशन्स टीम को ह्यूमन रिसोर्सेज पर एक स्टेटमेंट तैयार करने को कहा गया है।

  6. 15 अप्रैल से अब तक जेट के शेयर में 70% गिरावट

    जेट एयरवेज के शेयर में लगातार गिरावट आ रही है। शुक्रवार को शेयर 11.81% गिरकर 81.05 रुपए पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने 28 जून से जेट के शेयरों में कारोबार रोकने की घोषणा कर दी है। 15 अप्रैल से अब तक शेयर करीब 70% तक गिर चुका है।

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