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नागरिकता संशोधन विधेयक राज्यसभा में होगा पेश, नो टेंशन मोड में BJP, कांग्रेस करेगी विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली. लोकसभा से नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद अब राज्यसभा पहुंचा है। जिसे आज यानी बुधवार दोपहर दो बजे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल को सात घंटे से अधिक समय तक चली बहस के बाद लोकसभा ने सोमवार आधी रात को पारित कर दिया। वहीं, नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में विपक्ष लामबंद है। लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा को उम्मीद है कि बुधवार को यह विधेयक जब राज्यसभा में लाया जाएगा तो इसे आसानी से पारित करवा लिया जाएगा।

मिल सकते हैं 130 वोट 

सूत्रों की माने तो 240 सदस्यों की प्रभावी संख्या वाली राज्यसभा में इस विधेयक पर मतदान में 124-130 वोट मिल सकते हैं। लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश विधेयक सोमवार देर रात आसानी से पारित हो गया जहां सत्तारूढ़ भाजपा को पूर्ण बहुमत प्राप्त है। बताया जा रहा कि विपक्षी नेताओं को छह सदस्यीय तेलंगाना राष्ट्रीय समिति का समर्थन मिलने के कारण उसके हौसले बुलंद हैं। अभी तक कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर सरकार का साथ दे चुकी टीआरएस ने इस विधेयक का विरोध करने का निर्णय किया है। इसके साथ लोकसभा में विधेयक के पक्ष में खड़ी शिवसेना ने मंगलवार को संकेत दिया कि वह भी उच्च सदन में इसका विरोध कर सकती है।

ये है समर्थन का अंक गणित 

राज्यसभा में भाजपा के 83, जद (यू) के छह, अकाली दल के तीन तथा लोजपा, आरपीआई-ए के एक-एक तथा 11 मनोनीत सदस्य शामिल हैं। भाजपा अन्नाद्रमुक से बात कर रही है जिसके 11 सांसद हैं। बीजद के सात सांसद, वाईएसआर कांग्रेस के दो तथा तेदेपा के दो सदस्य भी हैं। जिनसे भाजपा को समर्थन की भी उम्मीद है। भाजपा को उम्मीद है कि इन दलों के समर्थन से वह 120 सदस्यों के बहुमत के आंकड़े को प्राप्त कर लेगी।

इसलिए विपक्ष के हौसले हैं बुलंद 

विपक्षी खेमे में कांग्रेस के 46, तृणमूल कांग्रेस के 13, बसपा के चार, सपा के नौ, द्रमुक के पांच, राजद 4, समेत राकांपा के सदस्य शामिल हैं। इन सभी दलों को मिलाकर कुल 97 सदस्य हैं।  शिवसेना, आम आदमी पार्टी और कुछ अन्य दलों के सदस्यों को मिलाकर यह आंकड़ा 110 पर पहुंचता है।

शिवसेना का यू-टर्न,  कांग्रेस का प्रदर्शन 

लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करने वाली कांग्रेस पार्टी बुधवार को सभी प्रदेश मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों एवं विधायक दल के नेताओं को पत्र लिखकर इस धरना-प्रदर्शन के बारे में सूचित किया है।

उधर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि शिवसेना राज्यसभा में तब तक नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन नहीं करेगी, जब तक कि पार्टी द्वारा लोकसभा में उठाए गए सवालों का जवाब नहीं मिल जाता। गौरतलब है कि शिवसेना ने सोमवार को लोकसभा से पारित हुए बिल का समर्थन किया था।

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