Home / देश / नया उपभोक्ता संरक्षण कानून लागू

नया उपभोक्ता संरक्षण कानून लागू

नई दिल्ली। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019, राष्ट्रपति की अधिसूचना के साथ लागू हो चुका है। इसके लागू हो जाने से उपभोक्ताओं के।  हितों के संरक्षण और उपभोक्ता विवादों के समय से और प्रभावी प्रशासन और परिनिर्धारण में मदद मिलेगी। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि तीन महीने के अंदर अधिनियम के तहत नये कानून बना लिए जाएंगे।  नये अधिनियम में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण अथॉरिटी (सीसीपीए) के गठन का प्रावधान एक क्रांतिकारी कदम है।

इसमें उपभोक्ताओं को अनुचित व्यापार व्यवहारों से होने वाले नुकसान से बचाने, उपभोक्ता शिकायत निपटारा से जुड़ी एजेंसियों का अधिकार बढ़ाने और उपभोक्ता विवाद के न्याय निर्णय प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रावधान किया गया है। भ्रामक विज्ञापनों पर शिकंजा कसते हुए मैन्यूफैक्चरर के साथ साथ भ्रामक विज्ञापनदाताओं और उत्पादों की अनुशंसा करने वाले सेलेब्रिटीज़ के खिलाफ भी कड़े प्रावधान किए गये हैं। संवाददाता सम्मेलन के दौरान केन्द्रीय मंत्री ने पैकेज्ड कमोडिटी रूल्स और प्रिंसिपल डिस्प्ले पैनल के लगातार हो रहे उल्लंघन पर अधिकारियों से जवाब तलब किया और एक सप्ताह के अंदर पूरी रिपोर्ट तलब की।

मंत्री जी ने पांच सितारा होटलों में सामान्य खाद्य पदार्थों का भी मनमाना और कई गुणा ज्यादा कीमत वसूलने की खबरों पर चिंता जतायी और इस संबंध में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। नया कानून, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 का स्थान लेगा। पुराना अधिनियम उपभोक्ताओं के बेहतर संरक्षण और उपभोक्ता विवादों के समाधान के लिये उपभोक्ता परिषदों एवं अन्य प्राधिकरणों की स्थापना का उपबंध करने के लिये अधिनियमित किया गया था । हालांकि इसमें कई कमियां प्रकाश में आई थी । उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को वर्ष 1986 में अधिनियमित किये जाने से लेकर अबतक माल और सेवाओं के लिये उपभोक्ता बाजारों में भारी परिवर्तन आया है । आधुनिक बाजारों में माल और सेवाओं का अंबार लग गया है।

वैश्विक श्रृंखलाओं के सामने आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में वृद्धि और ई वाणिज्य के तीव्र विकास के कारण माल और सेवाओं की निपटान की नयी प्रणालियां विकसित हुई । इसके साथ ही उपभोक्ताओं के सामने नए प्रकार के अनुचित व्यापार और अनैतिक कारोबार व्यवहारों का जोखिम भी ज्यादा हो गया है। यह देखा गया कि भ्रामक विज्ञापन, टेलीमार्केटिंग, बहुस्तरीय विपणन, सीधे विक्रय और ई वाणिज्य ने उपभोक्ता संरक्षण के लिये नई चुनौतियां उत्पन्न की है, ऐसे में उपभोक्ताओं को क्षति से बचाने के लिये समुचित और शीघ्र हस्तक्षेप की जरूरत होगी। नये कानून में उपभोक्ताओं के अधिकारों के संवर्द्धन और संरक्षण करने पर जोर दिया गया है ।

इसमें अनुचित व्यापार व्यवहारों से उपभोक्ताओं को नुकसान से बचाने के लिये, जब आवश्यक हो, तब हस्तक्षेप करने और वर्ग कार्रवाई प्रारंभ करने , माल वापस मंगाने के लिये किसी कार्यपालक अभिकरण की स्थापना का उपबंध किया गया है । इससे विद्यमान विनियामक व्यवस्था में संस्थागत कमी की पूर्ति होगी ।  इसमें केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) की स्थापना की व्यवस्था की गयी है, जिसका मुख्यालय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होगा। इसमें उपभोक्ता विवादों के निपटारा के लिये आयोग गठित करने के साथ जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर फोरम गठित करने की व्यवस्था की गयी है।

Loading...

Check Also

राज्यसभा में भी पास हुआ नागरिकता संशोधन बिल, सोनिया गांधी से लेकर राउत तक जानें किसने क्या कहा ?

नई दिल्ली. राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद देश भर में सभी नेताओं ...

बगावत पर उतारू हैं पंकजा मुंडे, कार्यक्रम से बीजेपी का निशान और PM मोदी की तस्वीर गायब

मुंबई: महाराष्ट्र के बीड़ जिले में भाजपा की ‘नाराज’ नेता पंकजा मुंडे द्वारा अपने पिता दिवंगत ...

बदनामी के डर से दुखी नाबालिग रेप पीड़िता ने फांसी लगाकर दी जान

होशंगाबाद, मप्र. यहां के महिमा नगर में रहने वाली एक नाबालिग रेप पीड़िता ने बदनामी के ...

दुल्हन बनने के बाद भी शादी के 7 फेरे नहीं ले पाईं 2 बहनें, मंडप में फूट-फूटकर रोती रहीं दोनों…

अंबाला (हरियाणा). दो सगी बहनें अपनी शादी वाले दिन हाथों में मेंहदी लगाकर और दुल्हन का ...