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देश की जनता नये पीएम के लिए 23 मई तक का इंतजार करे : कांग्रेस

नई दिल्ली:गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री से परहेज नहीं होने संबंधी गुलाम नबी आजाद के बयान पर कांग्रेस ने कहा कि 23 मई तक इंतजार किया जाना चाहिए और इसके बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आजाद के बयान पर संवाददाताओं से कहा, जिस टिप्पणी की आपने चर्चा की है, मैं उसके बारे में केवल ये कहूंगा कि इस देश की जनता मालिक है, मालिक जो आदेश करेगा, वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मानेगी। अब तो 6 चरणों का चुनाव समाप्त हो गया है, अब तो लगभग लोगों की राय ईवीएम मशीन के अंदर बंद है। 23 तारीख तक इंतजार कर लीजिए, सारी बात सामने आ जाएगी। सुरजेवाला ने अपनी पार्टी के सबसे बड़े राजनीतिक दल के तौर पर उभरने की उम्मीद जताते हुए शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस अगली सरकार के गठन में केंद्रबिंदु होगी। देश का नेतृत्व करने के लिए राहुल गांधी सही व्यक्ति हैं, हालांकि कांग्रेस अगली सरकार के नेतृत्व पर साथी दलों के साथ बातचीत के जरिए निर्णय करेगी।

बसपा प्रमुख मायावती की प्रधानमंत्री की दावेदारी के सवाल पर सुरजेवाला ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपना मत रखने की आजादी है। आखिर में संख्या बल निर्णय करेगा। जिसके साथ संख्या बल होगा उसके साथ दूसरे साथी हाथ से हाथ पकड़कर चलेंगे। मायावती जी का राहुल जी और सोनिया जी बहुत सम्मान करते हैं। मायावती जी भी बहुत सम्मान करती हैं। थोड़े-बहुत जो वैचारिक मतभेद हैं वो प्रजातंत्र में स्वाभाविक हैं।

संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी के विपक्षी दलों के नेताओं से संपर्क साधने से जुड़े सवाल पर सुरजेवाला ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 23 मई के बाद कांग्रेस को आप लोग (मीडिया) विपक्षी दल नहीं कहेंगे। वहीं आजाद ने भी अपने बयान से यू-टर्न लेते हुए कहा कि यह सच नहीं है कि कांग्रेस पार्टी पीएम पद के लिए दावेदारी नहीं पेश करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी है और अगर 5 साल सरकार चलाना है तो जाहिर है कि सबसे बड़ी पार्टी को ही मौका मिलना चाहिए। बता दें कि इससे पहले आजाद ने बुधवार को पटना में कहा था कि अच्छा होगा अगर लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार चलाने के लिए कांग्रेस नेता के नाम पर आम सहमति बने लेकिन ‘‘हम इसे कोई मुद्दा नहीं बनाने जा रहे कि अगर हमें (कांग्रेस को) प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की पेशकश नहीं की गई तो हम (कांग्रेस) किसी और (नेता) को प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे।

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