Tuesday , July 16 2019
Home / देश / देशभर में डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन , चिकित्सा सेवा बाधित

देशभर में डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन , चिकित्सा सेवा बाधित

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में शुरू हुई जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को अब देशभर के डॉक्टरों का समर्थन मिल रहा है। ऐसे में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने गुरुवार को अखिल भारतीय विरोध दिवस घोषित किया है। इसके बाद दिल्ली सहित पूरे देश के अस्पतालों में हड़ताल देखने को मिल रही है।

इस हड़ताल का असर दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एम्‍स), सफदरजंग, हिन्दू राव अस्पताल, आरएमएल सहित निजी अस्पतालों में भी देखा जा रहा है। आलम यह है कि अस्पतालों के जूनियर डॉक्टरों ने शुक्रवार सुबह से ओपीडी बंद कर दी है। एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के महासचिव डॉक्टर अरुण पांडेय ने ‘हिन्दुस्थान समाचार’ से बाचचीत में कहा कि एम्स के डॉक्टर बंगाल में डॉक्टर के साथ हुई हिंसा का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकलता तब तक यहां ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को जारी रखा जाएगा।

हिन्दू राव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर राहुल ने भी बंद का समर्थन करते हुए आज ओपीडी सेवा बंद रखने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि जब तक डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा, तक तब वो काम पर नहीं लौटेंगे। डॉक्टर राहुल ने कहा कि मरीजों की सुविधा के लिए आपात सेवाएं जारी रहेंगी।सफदरजंग अस्पताल के आरडीए अध्यक्ष डॉ. प्रकाश ठाकुर ने कहा कि इमरजेंसी सेवा सामान्य रहेगी लेकिन ओपीडी को बंद रखा जाएगा। डॉक्टर प्रकाश ने कहा कि अगर डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा नहीं रुकी तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई थी। इसके बाद बुजुर्ग के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनकी पिटाई कर दी। इस हमले में दो जूनियर डॉक्टर बुरी तरह घायल हो गए थे, जिसको लेकर पूरे देश के डॉक्टर इसका विरोध कर रहे हैं और डॉक्टरों के सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

Loading...

Check Also

देश में बाढ़ प्रभावितों की संख्या 70 लाख पार

नई दिल्ली: बिहार व पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ से 70 लाख से अधिक नागरिक प्रभावित ...