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दिन प्रतिदिन बढती जा रहे हैं OLA और UBER की माफिया गिरी

लखनऊ: राजधानी में OLA और UBER की सुविधा लोगो की रोजाना जिन्दगी में बहुत सहायता करती है. लखनऊ शहर में OLA और UBER का परिचय शहर वासियों के लिए एक बड़ी मदद थी और ये काफी सफल भी रही .

लेकिन इसके साथ ही OLA और UBER वालो की गुंडागर्दी और वसूली अब दिन प्रतिदिन बढती ही जा रही है . OLA और UBER अच्छी सुविधा तो देता है मगर आम इंसान के लिए आते जाते इस सुविधा का लाभ उठाना आसान नहीं है.  कभी लोकेशन के नाम पर तो कभी ट्रैफिक के नाम पर आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.लोकेशन के नाम पर परेशान कर देते हैं OLA और UBER वालेकैब बुक करना तो आसन होता है केवल लोकेशन डालनी होती है . मगर पिकअप लोकेशन

ज्यादा से ज्यादा गलत ही लेता है OLA और UBER: इसके चलते 4 से  5 किमी तक लोगो को पैदल चल के भी जाना पड़ता है सिर्फ कैब लेने के लिए . सटीक लोकेशन लेने में OLA और UBER असमर्थ और लोगो को पैदल चलके जाना पड़ता है . इतना ही नहीं जो राइड 15 मिनट में पहुचनी होती है वो राइड 30 मिनट लगा कर पहुचती है . इससे लोगो को समय की बहुत परेशानी झेलनी पड़ती है. और लोगो को काफी समस्याओ का सामना करना पड़ता है.

एक तो सही लोकेशन नहीं लेना उल्टा कस्टमर पर पेनाल्टी: पहले तो OLA और UBER वाले सही लोकेशन नही लेते हैं और उल्टा देरी की वजह के कस्टमर को परेशान होना पड़ता है . कितनी बार राइड कैंसिल करने की नौबत भी आजाती है जिससे कस्टमर को पेनाल्टी देनी पड़ती है . नहीं तो कस्टमर के ऊपर जुरमाना लग जाता है जो की अगली बुकिंग पर चुकाना पड़ता है , बिना उसके वो अगली राइड नहीं ले सकते .

क्या सर्कार भी इस घोटाले में मिली हुई है :सरकार ने इस समस्या पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और न ही कोई एक्शन लिया गया है . जैसे की इस घोटाले को बिलकुल अनदेखा ही कर दिया हो . क्या सरकार की भी इसमें कोई मिली भगत है ? आखिर इतने बड़े पैमाने पर ये उगाही और कस्टमर्स को बेवकूफ बनाया जा रहा है तो इसका क्या कारण हो सकता है .

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