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ढाई लाख रुपये की आर्थिक मदद इंटरकास्ट मैरिज पर सरकार करती हैं , जानिए कैसे मिलती है ये राशि

भाजपा विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा का मामला सुर्खियों में है। साक्षी ने एक दलित से शादी की है और आरोप लगा रही हैं कि उन्हें धमकी मिल रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं सरकार इंटरकास्ट मैरिज पर ढाई लाख रुपये दे रही है। जानें, अब तक सरकार कितने जोड़ों को ये राशि दे चुकी है।

जातीय भेदभाव को खत्म करके सरकार अंतरजातीय विवाहों को प्रोत्साहित कर रही है। इसमें पति या पत्नी में से कोई एक अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखता हो तो सरकार ढाई लाख रुपये की मदद देती है। बता दें, इंटर कास्ट मैरिज पर केंद्र सरकार ने 2013 में आर्थिक मदद देने की योजना शुरू की थी। पहले सालाना पांच लाख रुपये आय वालों को इसका लाभ मिलता था। फिर दिसंबर 2017 में मोदी सरकार ने इससे पांच लाख रुपये की अधिकतम सीमा को खत्म करके सभी आय वर्गों को जोड़ दिया था।

विवाह कर रहे जोड़े में से लड़के या लड़की किसी एक को दलित जाति का होना चाहिए। डॉ. अंबेडकर स्कीम फॉर सोशल इंटीग्रेशन थ्रू इंटरकास्ट मैरिज योजना साल 2013 में शुरू हुई थी। योजना का लक्ष्य हर साल कम से कम 500 अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को पुरस्कृत करना था। इन 2.5 लाख रुपये से नवविवाहित जोड़े को अपनी शादी के शुरुआती दिनों में जिंदगी को पटरी पर लाने में भी मदद मिलती है।

वैसे रिपोर्ट के अनुसार शुरू होने के बाद से ही यह योजना बेहतर तरीके से लागू नहीं हो सकी है। सालाना 500 के लक्ष्य को सरकार हासिल नहीं कर पाई है। 2014-15 में सिर्फ 5 जोड़ों को लाभ मिल पाया, तो 2015-16 में केवल 72 लोगों को इसका लाभ मिला। 2016-17 में 736 आवेदकों में से 45 को मंत्रालय ने सही पाया था।

वहीं साल 2017-18 में 522 जोड़ों ने इसके लिए आवेदन किया था जिसमें से करीब 87 को इसका फायदा मिला। फिलहाल साल 2018-19 के आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं। पिछली लोकसभा में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस पर प्रश्न किया था। इस तरह देख जाए तो अब तक मोदी सरकार लाखों रुपये इस योजना के तहत जोड़ों को दे चुकी है।

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