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जेपी अस्पताल में जुलाई से शुरु होगा मदर मिल्क बैंक

जरुरतरतमंद बच्चों को मिलेगा दूध, तीन महीने तक रखा जा सकेगा सुरक्षित
भोपाल: राजधानी के जिला अस्पताल जेपी (जयप्रकाश) में जुलाई महीने से मदर मिल्क बैंक की शुरुआत होने जा रही है।

इस बैंक के प्रारंभ होने से ऐसे नवजात शिशु जिनकी माताएं स्तनपान नहीं करा पाती है, उनको इस बैंक से दूध उपलब्ध कराया जाएगा।इसके अलावा बच्चा कम वजन या कमजोर होने के चलते दूध पीने की स्थिति में नहीं है, ऐसे बच्चों के लिए यहां दूध उपलब्ध कराया जाएगा। इस सुविधा से लावारिस बच्चों को भी मां का दूध मिल सकेगा। प्रदेश में दो क्रास मदर मिल्क बैंक बनाए जा रहे हैं। इसमें एक इंदौर के मेडिकल कॉलेज व दूसरा भोपाल के जेपी अस्पताल में बनाया जा रहा है। क्रास मदर मिल्क बैंक में एक मां का दूध दूसरी मां के बच्चे को दिया जाता है।

जेपी अस्पताल के पुराने मिल्क बैंक का विस्तार कर यह सुविधा शुरू की जा रही है। इसके लिए लेमिनर एयरफ्लो आ चुका है। 15 से 18 जून के बीच पाश्चुराइजर मशीन भी आ जाएगी। मिल्क रखने व माताओं के बैठने की व्यवस्था मिल्क बैंक में की जा रही है। मिल्क बैंक प्रभारी व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शोभा खोत ने बताया कि कई माताओं को दूध नहीं निकलता या अन्य कारणों से वह दूध पिलाने की स्थिति में नहीं होती उनके बच्चों को मिल्क बैंक से दूध दिया जा सकेगा।

पहले तो जेपी अस्पताल के सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती बच्चों को मिल्क बैंक से दूध दिया जाएगा।
ज्यादा दूध होने पर दूसरे अस्पतालों में भर्ती बच्चों को भी यहां से दूध दिया जाएगा। इसके अलावा मिल्क बैंक में दूध दान के लिए अस्पताल में भर्ती माताओं की काउंसलिंग भी की जाएगी। इस बात का भी प्रचार प्रसार किया जाएगा कि कोई भी महिला यहां आकर मिल्क दान कर सके।

उन्होंने बताया कि पहले इस बात की स्क्रीनिंग की जाएगी कि दूध दान करने वाली महिलाओं को एचआईवी, हेपेटाइटिस बी, सी या अन्य कोई बीमारी तो नहीं है। दूध को फ्रीजर में रखने के पहले एक बार कल्चर टेस्ट कराया जाएगा कि उसमें कोई बैक्टीरिया तो नहीं है। किसी बच्चे को दूध देने के पहले भी बैक्टीरिया की मौजूदगी पता करने के लिए कल्चर टेस्ट किया जाएगा। डॉ. खोत ने बताया कि जेपी अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती बच्चों में करीब 30 फीसदी को किसी न किसी वजह से मां का दूध नहीं मिल पाता। उन्हें मिल्क बैंक दूध दिया जा सकेगा।

इस संबंध में जेपी अस्पताल अधीक्षक डॉ. आईके चुघ का कहना है कि मिल्क बैंक का विस्तार किया जा रहा है। मशीनें आ गईं हैं। तीन महीने तक दूध रखा जा सकेगा। मां का दूध दूसरे बच्चों को भी दिया जा सकेगा। मां के दूध में बहुत सारे तत्व होते हैं जो बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

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