Home / उत्तर प्रदेश / जिम्मेदारो की मिली भगत से किया गया विदेश में रह रहे व्यक्ति के नाम मत्स्य पट्टा

जिम्मेदारो की मिली भगत से किया गया विदेश में रह रहे व्यक्ति के नाम मत्स्य पट्टा

पट्टा धारक सुनील करेगा विदेश में नौकरी या कुशीनगर में मछली पालन

तहसील के जिम्मेदारों की मिली भगत से नहीं दिया गया महिला को नीलामी में बोली बोलने  का अवसर

राम कुमार सिंह

कुशीनगर। सरकार द्वारा अनेकों प्रकार की योजनाओं के माध्यम से गरीब असहाय मछली पालकों पोखरों का देकर उनकी दशा व दिशा को सुधारने का लाख प्रयास की जा रही है लेकिन संबंधित विभागीय जिम्मेदारों की मिलीभगत से पात्रों को दरकिनार कर आपात्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है ऐसा ही एक मामला हाटा तहसील अंतर्गत एक मत्स्य पालन हेतु पोखरे के पट्टे दौरान एक मामला प्रकाश में आया है।

प्राप्त जानकारी अनुसार जनपद के हाटा तहसील अंतर्गत साकिन सेमरा महेशपुर तप्पा बंचरा परगना सिलहट निवासी सुरेश चन्द्र पुत्र दुधनाथ द्वारा 20 जुलाई 2018 को जयप्रकाश निषाद राज्य मंत्री पशुधन मत्स्य राज्य संपत्ति एवं नगर भूमि उत्तर प्रदेश शासन को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर बताया गया कि दिनांक 4 जुलाई 2018 को अवैध तरीके से उसके ग्राम सभा में की तीन पोखरियों की नीलामी की गई जिसको लेकर ग्राम सभा में न तो कभी मुनादी हुई और ना ही किसी को नीलामी से संबंधित जानकारी दी गई नीलामी की प्रक्रिया सिर्फ वर्तमान प्रधान व पूर्व प्रधान के जानकारी में रहा तथा उनकी मिलीभगत कारण अपने लोगों राम सेवक यादव एडवोकेट व पूर्व प्रधान के भाई सुनील व राजनेति पुत्र अशर्फी के नाम पटटा स्वीकृत करते हुए नीलामी प्रक्रिया को पुरा कर लिया गया जबकि सुनील विदेश में रहकर नौकरी करता है।

साथ ही बताये कि उक्त नीलामी में हिस्सा लेने के लिए सुरेश ने अपनी पत्नी ममता देवी का भी आवेदन किया और नीलामी हेतु सारे कागजात जमा कर दिया गया लेकिन उस महिला को बोली लगाने का अवसर नहीं दिया गया तथा नीलामी प्रक्रिया गलत तरीके से कराकर अपात्र व्यक्तियों के नाम से पटटा स्वीकृत किया गया जिससे गरीब व पात्र महिला को उक्त नीलामी में बोली लगाने बंचित होना पड़ा। ऐसी दशा में प्रार्थी द्वारा उक्त नीलामी प्रक्रिया को दोषपुर्ण व असंवैधानिक बताते हुए राजस्व की छति बताई गई तथा उक्त नीलामी के दौरान स्वीकृत की गयी पटटों की जांच कराकर निरस्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई व दोबारा पोखरों को नीलामी करने की की मांग की गई। जिस को संज्ञान में लेते हुए मत्स्य राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश शासन द्वारा उप जिला अधिकारी हाटा को तालाब से संबंधित प्रकरण की जांच कराकर अविलंब अवैध कार्य को रोकते हुए नए सिरे से पट्टा कराने के लिए कहा गया लेकिन बावजूद इसके आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई ।

बता दें कि हाटा तहसील अंतर्गत ग्राम सभा सेमरी महेशपुर में आराजी नंबर 453 415 व 490 में तालाब स्थित है उक्त तीनों तालाबों की नीलामी हेतु आवेदकों से आवेदन लिया गया। लेकिन वर्तमान व पूर्व ग्राम प्रधान की मिली भगत से नीलामी की प्रक्रिया को चुपके चोरी 4 जुलाई 2018 को करते हुए तीनों तालाबों की अपात्र व्यक्तियों के नाम पर पटटा स्वीकृत कर लिया गया जिसमें एक ऐसा भी सुनील नामक व्यक्ति है जो विदेश में रहकर नौकरी कर रहा है तो वह हाटा आकर मछली पालन कैसे करेगा।

सुरेश चंद के अनुसार ग्राम प्रधान द्वारा कहा गया उसमें जाति प्रमाण पत्र नहीं लगा है जबकि लेखपालों के हड़ताल कारण जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन कर उसका रसीद जमा किया गया था बावजूद इसके महिला को बोली बोलने का अवसर नहीं दिया गया जिसके बाद दिनांक 4 जुलाई 18 को ही ममता देवी पत्नी सुरेश चंद ने उपजिलाधिकारी हाटा को एक शिकायती प्रार्थना पत्र देकर उक्त प्रकरण से अवगत कराते हुए आराजी नंबर 453 रकबा 0.5390 हे0 का पटटा निरस्त कर नीलाम अधिकारी को दोवारा  नीलामी कर पटटा जारी करने के लिए निर्देशित करने की मांग की गई।जिसको संज्ञान लेते हुए एसडीएम हाटा द्वारा नायब तहसीलदार हाटा को आवश्यक कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया।

जब उक्त प्रकरण की जानकारी ग्रामीणों संतोष, सुरेंद्र, प्रेम चंद्र, भोपई मिश्र, कोदई,मृगेन्द्र मिश्र, ओम प्रकाश मिश्र, रामाश्रय ललई, अर्जुन प्रसाद, बेचू मिश्रा, गजेंद्र मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, तारा प्रसाद पाठक, कन्हैया प्रसाद मित्र, शैलेन्द्र मित्र को होने पर दिनांक 5-7-2018 को हाटा तहसील के सुकरौली ब्लाक अंतर्गत ग्राम सभा सेमरी महेशपुर के ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से उप जिलाधिकारी हाटा को शिकायती  प्रार्थना पत्र देकर बताया कि मौजा सेमरी महेशपुर की पोखरियों की दिनांक 4-7-2018 को अवैध तरीके से पूर्व व वर्तमान ग्राम प्रधान की मिलीभगत से नीलामी की गई है जिसकी मुनादी गांव में कभी नहीं हुई ना तो उक्त नीलामी से संबंधित कभी  भी किसी प्रकार की जानकारी प्रार्थी गणों को दी गई नीलामी की प्रक्रिया पूर्व व वर्तमान प्रधान की मिलीभगत से अपने-अपने सगे लोगों रामसेवक यादव एडवोकेट व पूर्व प्रधान के भाई सुनील (जो विदेश में नौकरी करता है) व राजनेति पुत्र अशर्फी के नाम से चोरी चुपके पोखरियों की पटटा स्वीकृत किया गया है जिस से प्रार्थी गणों को सख्त हकतलफी है।

क्योंकि नीलामी की सारी प्रक्रिया करने वाले व्यक्ति गलत तरीके से पात्रों को दरकिनार कर अपात्र व्यक्तियों को चयनित करते हुए उनके नाम पट्टा स्वीकृत किया गया है तथा साकिन उपरोक्त सुरेश चंद ने नीलामी हेतु अपने पत्नी ममता देवी के नाम का  कागजात (आवेदन ) जमा किया था लेकिन उनको नीलामी प्रक्रिया के दौरान कहीं भी कोई बोली बोलने का अवसर नहीं दिया गया ऐसी परिस्थिति में सारी नीलामी दोषपूर्ण व असंवैधानिक है इसके साथ-साथ राजस्व की भी काफी क्षति होगी जिसकी जांच कराकर पोखरियों की नीलामी दिनांक 4-7-18 को निरस्त करते हुए नए सिरे से संवैधानिक तरीके से पोखरियों की नीलामी कराने की मांग की गई ।

लेकिन बावजूद इसके कोई कार्रवाई न होने के कारण दिनांक 11 फरवरी 2019 को ममता देवी के पति सुरेश चंद द्वारा उक्त् प्रकरण के संबंध में जिलाधिकारी कुशीनगर सहित उप जिला अधिकारी व जिला मत्स्य अधिकारी को उक्त के संबंध में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई न होने होने पर पशुधन मत्स्य राज्य मंत्री व भूमि राज मंत्री उत्तर प्रदेश शासन को दिनांक 20 फरवरी 2019 को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया लेकिन आज तक दोषियों के विरुद्ध कोई जांच व कार्रवाई नहीं की गई। अब देखना यह हैकि सम्बन्धित विभागीय उच्चधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है जिससे उक्त गरीब असहाय एंव पात्र महिला को न्याय मिल सके।

Loading...

Check Also

धूम धाम से मनाई गई डॉ. अम्बेडकर की 128 वीं जयंती

प्रेम चन्द्र खरवार सस्पेंस क्राइम न्यूज़ इंडिया टीवी चैनल संवाददाता रामकोला कुशीनगर। सोमवार को रामकोला ...