Home / वायरल न्यूज़ / जानिए दुनिया के इस अजूबे के बारे में, जिसे औरंगजेब के 1000 आदमी मिलकर भी न तोड़ सके

जानिए दुनिया के इस अजूबे के बारे में, जिसे औरंगजेब के 1000 आदमी मिलकर भी न तोड़ सके

एलोरा में कैलाश मंदिर एक बहुत ही उत्कृष्ट वास्तुशिल्प कृति है। इसकी संरचना और नक्काशी का आज तक कोई तोड़ नहीं निकाल है। मंदिर न केवल एक वास्तुशिल्प चमत्कार है, बल्कि इसमें कुछ मन-मुग्ध रहस्य भी हैं. आओ देखें-

पहाड़ को तराशा गया

 

जानिए दुनिया के इस अजूबे के बारे में, जिसे औरंगजेब के 1000 आदमी मिलकर भी न तोड़ सके

इस मंदिर पत्थरों या ईटों को जोड़कर नहीं बनाया गया था बल्कि एक पूरे पहाड़ को तराश कर किया गया है। यह दुनिया का एकमात्र मंदिर है जिसका निर्माण इस गजब ढंग से किया गया है।

इस मंदिर को बनाने के लिए तराशा गया पहाड़ इतना शख्त है की इसकी एक भी मूल चट्टान को छेनी या हथोडी से आसानी से नहीं तोडा जा सकता. पुरातत्वविदों के अनुसार इस पहाड़ को तराश कर मंदिर बनाने के लिए लगभग 4 लाख टन चट्टानों को निकलने की जरुरत पड़ी.

सबसे रोचक

 

आश्चर्य की बात ये है की हमारे देश में हमलावर अंग्रेज ईसाईयों और मुस्लिमो द्वारा लिखे गए इतिहास के मुताबिक हमारे देश में कोई आधुनिक संसाधन ही उपलब्ध नहीं थे. तो सवाल ये है की फिर इस अनोखे अजूबे मंदिर को बनाने के लिए पहाड़ को किस मशीन से तराशा गया.

यदि आज के वर्तमान संसाधनों का इस्तेमाल करके इस कैलाश मंदिर के जैसी ही चट्टानों को तराशा जाए तो एसा मंदिर बनाने में सदियों बीत जाने का अनुमान है. फिर उस वक्त का हमारा सनातन हिन्दू मनुष्य यह कैसे कर पाया?

इसका सीधा सा अर्थ है की मुस्लिम और ईसाई हमलावरों के आने से पहले भारत बहुत ही विकसित देश था. मगर सत्ता का दुरूपयोग करके उन्होंने हमारा इतिहास बदल कर हमे अविकसित साबित करने का गलत काम किया.

कैलाश मंदिर की आयु

 

वैज्ञानिक जांचो के अनुसार ये शिव मंदिर 5000 साल से भी अधिक पुराना है. जब ईसाई और इस्लाम का नामों निशान भी नहीं था.

मुस्लिम शासक का दुस्साहस

1682 में जब देश मुस्लिम हमलावरों के अधीन था, औरंगज़ेब ने कैलाश मंदिर को नष्ट करने का फैसला किया, जो कि उसके इस्लामिक रवैये का होने का सबूत था। इसलिए उसने ये घ्रणित कार्य करने के लिए 1,000 मजदूरों को काम दिया। लेकिन वे बुरी तरह विफल रहे।

इन मजदूरों ने लगभग 3 साल तक काम किया, फिर भी इस हिंदू विज्ञान के चमत्कार को नष्ट करने में सफल नही हुए। वे केवल कुछ मूर्तियों को खंडित कर सके और मंदिर में यहां और वहां छोटे मोटे चोटें पंहुचा सके थे। अंत में औरंगजेब ने हार मान ली।

एलिएंस ने मंदिर बनाया

भारत के विज्ञान और कला के ज्ञान को नकारने के लिए कुछ अन्य धर्मो के लोगो ने एक मजाकिया बात कह डाली, कहा की इतनी कमाल की विज्ञान धरती पर कहा थी इसलिए हो सकता है एलियंस ने मंदिर बनाया हो.

 

अगर उनकी इस बात को मान भी ले तो इसका मतलब की एलियंस लोग भी भगवान आदियोगी शिव के भक्त थे. इसीलिए तो उनके लिए इतना भव्य मंदिर बनाया.

Loading...

Check Also

सिक्किम का ये शख्स रोज 14 हजार फीट की ऊंचाई पर चीन जाकर पहुंचाता है चिट्ठियां

आज जहां भारत डिजिटल होने की राह पर चल रहा है ऐसे में एक शख्स ...

इस जनजाति में चलता है सिर्फ औरतों का राज, कर सकती हैं कई मर्दों से शादी

आज तक आपने यहीं सुना होगा की भारत एक पुरुष प्रधान देश है लेकिन मेघालय ...

भारत में यहां दिखा दो मुंह वाला सांप, दूध पिलाने के लिए उमड़े लोग, तस्वीरें हुईं वायरल

पृथ्वी पर कई तरह के जीव-जंतु पाए जाते हैं, जिसमें कुछ जीव स्वभाव से शांत ...

शख्स ने ऑनलाइन मंगवाया था वीडियो गेम, डिब्बे में रखी चमकीली प्लास्टिक से निकला कंडोम

इंग्लैंड: आज के समय में ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल्स का लोग जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग ...