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छत्तीसगढ़: 82 फीसदी आरक्षण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर

बिलासपुर:छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार द्वारा आरक्षण को 58 फीसदी से बढ़ाकर 82 फीसदी करने के खिलाफ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। बिलासपुर के रहने वाले आदित्य तिवारी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। फिलहाल इस पर सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है। याचिका दायर होने के बाद अब आरक्षण के विरोध का स्वर और तेज हो सकती है। सीएम भूपेश बघेल ने बीते 15 अगस्त को ओबीसी का आरक्षण 13 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया था।

छत्तीसगढ़ में लोक पदों व सेवाओं और शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश में के लिए लागू आरक्षण को 58 से बढ़ाकर 82 फीसदी कर दिया गया है। इसके तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग को 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति वर्ग को 12 की जगह 13 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग को 14 की जगह 27 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भी अब 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। इसके विरोध में ही हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम संशोधन अध्यादेश, 2019 को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई थी। हाल ही में राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के साथ ही यह अध्यादेश लागू भी हो गया है। इसके बाद आरक्षण के बढ़े प्रतिशत के विरोध में बिलासपुर में रहने वाले आदित्य तिवारी ने एडवोकेट पलाश तिवारी के जरिए हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई है। याचिका पर सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है। मामले में जल्द ही सुनवाई हो सकती है। कुछ दिन पहले भीम रेजिमेंट के लोगों ने भी आरक्षण की नई व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया था। हालांकि इनका प्रदर्शन एससी वर्ग का आरक्षण और बढ़ाने की मांग को लेकर था।

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