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क्या अप्लिकेशन और फीचर्स की आड़ में प्राइवेट डाटा चोरी कर रहे हैं स्मार्टफोंस.

आज के युग में जहाँ स्मार्टफोंस इंसान की सबसे बडीं ज़रुरतो में से एक हो गया है. बिना हाथ में एक स्मार्टफ़ोन के मानो कुछ ज़रूरी चीज़ भूल आये हो लगता है. ज़रूरत से बढ कर इसकी आदत घातक है जिसने मानो हर किसी को अपना गुलाम बना लिया हो.

इसके चलते नए नए स्मार्टफ़ोन , नयी विशेषताओं के साथ मार्केट में आए दिन दस्तक दे रहे हैं. कुछ में शानदार कैमरा तो कुछ में गजब के एप्लीकेशन, कुछ में 64ggb मेमोरी तो कुछ में अत्याधुनिक प्रोसेसिंग.

शानदार फीचर्स और ज़रुरत की आड़ में मोबाइल स्मार्टफोंस ने इंसान को अपना गुलाम बना लिया है जिसके चलते नए नए फ्रॉड और घपले भी सामने आ रहे हैं.

  • मोबाइल में मौजूद हमारा पर्सनल डाटा चोरी करता है स्मार्टफ़ोन: अछे अछे फीचर्स के इस्तेमाल करने के लालच में लोग नए और महंगे मोबाइल खरीद तो लेते हैं और उसमे फीचर्स को डाउनलोड करके उसका इस्तेमाल भी करते हैं. ये नेए एप्लीकेशन को चलने के लिए हमारा मोबाइल फ़ोन हमारे फ़ोन के पर्सनल डाटा की जानकारी मांगते हैं जो की हम लोग बिना सोचे “Allow” कर देते हैं. इससे हमे लगता है की हमारा नया एप्लीकेशन चलेगा मगर असल में हमारा पर्सनल डाटा की जानकारी उन एप्लीकेशन के पास चली जाती है.
  • हमारी प्राइवेसी से खिलवाड़: मोबाइल फ़ोन में मौजूद हमारे कॉन्टेक्ट्स और मेसेज व कई और डाटा की जानकारी अब इन अप्लिकेशन के पास होती है. जिससे हमारी प्राइवेसी से खिलवाड़ करते हैं नए नए स्मार्टफ़ोन. आखिर किसी भी अप्लिकेशन के चलने में हमारे कॉन्टेक्ट्स और मेसेज की क्या ज़रूरत है?
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