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कोसी बराज के 56 में 26 गेट खोले, 36 घंटे का अलर्ट,उत्तर बिहार में बारिश का 54 साल का रिकॉर्ड टूटा

मुजफ्फरपुर/सुपौल. नेपाल में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना को देख वहां की सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है। नेपाल के तराई क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से इंजीनियरों की भी बेचैनी बढ़ गई है। शुक्रवार शाम 4 बजे कोसी बराज पर 2 लाख 7 हजार 290 क्यूसेक पानी बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया। एहतियात के तौर पर बराज के 56 फाटकों में से 26 फाटकों को खोल दिया गया है। गुरुवार की शाम 6 बजे से ही जलस्तर का बढ़ना जारी रहा।

कई जगहों पर पटरियां धंसीं, ट्रेन सेवा ठप
54 साल बाद जुलाई में एक दिन में सर्वाधिक बारिश हाेने से उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों में स्थिति गंभीर हा़े गई है। पिछले 24 घंटे में पूर्वी चंपारण में सर्वाधिक 214.92 मिमी, सीतामढ़ी में 154.55 मिमी ताे मुजफ्फरपुर में 125.15 मिमी बारिश हुई है। इससे बागमती, गंडक व बूढ़ी गंडक ऊफान पर है। बागमती का जलस्तर लाल निशान को पार कर गया है।

ट्रैक पर चढ़ा पानी

बारिश से समस्तीपुर रेलखंड में नारायणपुर अनंत, सीतामढ़ी रेलखंड में जुब्बा सहनी स्टेशन के पास ट्रैक धंसने से ट्रेनें ठप। नरकटियागंज जंक्शन पर ट्रैक पर चढ़ा पानी।

36 घंटे का अलर्ट

मौैसम विभाग ने अगले 24 से 36 घंटे तक नेपाल व उत्तर बिहार में और बारिश की संभावना काे देखते हुए अलर्ट किया है। प्रशासन को चौकसी का निर्देश।

सुरक्षा बांध टूटने पर 60 से अधिक गांवों में मचेगी तबाही
कोसी महासेतु के बगल में गाइड बांध से सटाकर बना सुरक्षा बांध कभी भी तेज धारा में टूट सकता है। 600 मीटर लंबे बांध को बचाने के लिए ग्रामीण दिन रात एक किए हुए हैं। वहीं प्रशासन न तो बांध को बचाने का प्रयास कर रहा है और न ही इसे तोड़ने की दिशा में कोई पहल कर रहा है। लेकिन, ग्रामीण इसे किसी भी सूरत में टूटने नहीं देना चाह रहे हैं। बांध टूटने से पांच दर्जन से अधिक गांव में तबाही मच सकती है।

लंबा बनना था गाइड बांध, पर नहीं बन सका 
सड़क और रेल महासेतु के बगल में 12 किमी लंबा गाइड बांध बनना था। जिसके लिए डीपीआर भी तैयार कर लिया गया था। जगह-जगह लाल झंडा भी गाड़ दिया गया था पर इसे नहीं बनाया गया। लाचार होकर ग्रामीणों को 600 मीटर लंबा बांध श्रमदान से बनाना पड़ा। अनशनकारी सुशील यादव ने कहा कि गाइड बांध बनाने के लिए 87 करोड़ रेलवे व 87 करोड़ एनएचआई से आवंटित भी कर दिया गया था।

मधुबनी : खतरे के निशान से 31 सेमी ऊपर बह रही कमला नदी

जयनगर से होते हुए बिहार में प्रवेश करने वाली कमला उफान पर है। गुरुवार को नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा था लेकिन नेपाल में भारी बारिश होने से जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। शुक्रवार को पूर्वाह्न 1 बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 31 सेमी ऊपर बह रहा था। कई इलाकाें में बाढ़ का पानी फैल गया है। उधर घोघरडीहा प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली भूतही बलान में आई बाढ़ से कई गांव चपेट में आ गए हैं।

मोतिहारी : एक ही दिन में 282 मिमी हुई बारिश, 20 साल का रिकॉर्ड टूटा

पिछले रविवार से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार की शाम से शुरू हुई बारिश ने तो 20 साल का रिकाॅर्ड तोड़ दिया। सिर्फ मोतिहारी में एक दिन में 282 मिलीमीटर वर्षा रिकाॅर्ड की गई है। इस कारण शहर के चांदमारी समेत कई मोहल्लों में तीन से चार फीट पानी बह रहा है। बाढ़ की आशंका के कारण लोग ऊंची जगहों पर अपना ठिकाना तलाशने लगे हैं।

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