Monday , March 25 2019
Home / देश / कोलकाता : 1000 किलो विस्फोटक की तस्करी के मामले में एक और गिरफ्तार

कोलकाता : 1000 किलो विस्फोटक की तस्करी के मामले में एक और गिरफ्तार

कोलकाता:कोलकाता में 1000 किलो विस्फोटक के साथ पकड़े गए दो लोगों से पूछताछ कर कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसका नाम रबीउल इस्लाम (‍35) है। वह उत्तर 24 परगना के मल्लिकापुर का रहने वाला है। शुक्रवार रात 12:30 बजे के करीब टाला ब्रिज के पास से एक टाटा मेटाडोर में 1000 किलो पोटैशियम नाइट्रेट विस्फोटक के साथ पकड़े गए दोनों तस्करों की गिरफ्तारी के बाद वह पूर्व मेदिनीपुर जिले के जरिए फरार होने की कोशिश में जुटा था। इस बारे में पुख्ता सूचना मिलने के बाद एसटीएफ की टीम ने पूर्व मिदनापुर जिला पुलिस को रबीउल के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद उसे धर दबोचा गया।

प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि मल्लिकापुर में उसका पटाखा कारखाना है और गैरकानूनी तरीके से ओडिशा से विस्फोटक मंगा कर वह बम आदि बनाता था। रबीउल और ओडिशा से विस्फोटक तस्करों के बीच एक बिचौलिया भी है जिसके बारे में पूछताछ के बाद जानकारी मिली है। तीनों से पूछताछ कर चौथे शख्स के बारे में भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है। रबीउल की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देते हुए रविवार सुबह एसटीएफ के उपायुक्त मुरलीधर शर्मा ने बताया कि लंबे समय से ये लोग ओडिशा से भारी मात्रा में विस्फोटकों की तस्करी करते रहे हैं। तीनों से पूछताछ कर इनके अन्य साथियों के बारे में पता लगा है। इस बीच, ओडिशा में जहां से ये विस्फोटक लाए जाते थे, वहां के लिए एसटीएफ की एक टीम शनिवार को ही रवाना हो गई है। स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर विस्फोटक तस्करी करने वालों की गिरफ्तारी की कोशिशें तेज कर दी गई है। कोलकाता में एक हजार किलो विस्फोटक के साथ दो लोगों को कोलकाता पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (‍एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया है। इनके नाम इंद्रजीत भुई (‍25) और पद्मलोचन दे (‍31) है। इन्हें चित्तपुर थाना अंतर्गत टाला ब्रिज के उत्तरी छोर पर 10 नंबर बीटी रोड के पास से गिरफ्तार किया गया है। टाला ब्रिज के पास एक संदिग्ध टाटा 407 मेटाडोर गाड़ी को एसटीएफ की टीम ने चारों तरफ से घेर लिया।

गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें प्लास्टिक के 27 बैग में भरकर रखे गए 1000 किलो पोटैशियम नाइट्रेट नाम का विस्फोटक बरामद किया गया। इसके तुरंत बाद इसके चालक और खलासी दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन दोनों को बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया है जहां से इन्हें 14 दिनों के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मुरलीधर शर्मा ने बताया कि इनमें से चालक इंद्रजीत भुई ओडिशा राज्य के बालासोर जिला अंतर्गत बस्ता थाना क्षेत्र के मेलक गांव का रहने वाला है, जबकि पद्मलोचन दे नाम का खलासी भी इसी थाना क्षेत्र के मथानी गांव का रहने वाला है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि ये लोग ओडिशा से इस विस्फोटक को लेकर उत्तर 24 परगना की ओर जा रहे थे। अब पता चला है कि इस विस्फोटक को उत्तर 24 परगना में रबीउल के पटाखा कारखाने तक ले जाया जा रहा था।

Loading...

Check Also

उत्तराखंड : बर्फबारी के कारण 1 जून से शुरू होगी श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा

चमोली:उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा अब 25 ...