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कर्जदाता ने रखी शर्त, लोन चाहिए तो शेयर और प्लेन गिरवी रखे जेट एयरवेज

मुंबई:जेट एयरवेज के कर्जदाताओं ने कंपनी को और अधिक कर्ज देने के लिए नरेश गोयल के सामने एक शर्त रखी है। कर्जदाताओं ने नरेश गोयल से अधिक शेयर और प्लेन गिरवी रखने को कहा है। इस बीच जेट को कर्ज देने वाले बैंक कंपनी को और लोन देने पर बंटे हुए हैं। जेट के मैनेजमेंट को बैंकों की सोमवार की मीटिंग के बाद नई शर्त की जानकारी दी गई। बैंकों से कर्ज मिलने में देरी के चलते जेट का कामकाज बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। कंपनी के सीईओ विनय दूबे ने जेट के एंप्लॉयीज को मंगलवार को होने वाली बोर्ड मीटिंग की जानकारी देते हुए कहा, ‘अंतरिम फंडिंग हमें अभी तक नहीं मिली है।’

आईसीआईसीआई और यस बैंक जेट एयरवेज को इमरजेंसी फंड देने के हक में नहीं हैं, जबकि एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक को इस पर ऐतराज नहीं है। उन्होंने बताया, ‘बहरहाल अभी तक कंपनी को अतिरिक्त फंडिंग नहीं मिली है।’ उन्होंने कहा कि अगर तुरंत कैश नहीं मिलता तो जेट के लिए कामकाज जारी रखना मुश्किल हो जाएगा।

जेट का मैनेजमेंट बोर्ड के सामने अपनी वित्तीय स्थिति और ऑपरेशंस की जानकारी रखेगा। इस बीच कंपनी ने गुरुवार तक इंटरनैशनल ऑपरेशंस टाले रखने का फैसला किया है। कंपनी अभी 7 विमानों से उड़ानें जारी रखेगी। जेट के लेंडर्स मंगलवार तक योग्य बोली लगाने वाले निवेशकों को भी चुन सकते हैं, जिन्होंने कंपनी में हिस्सेदारी लेने में दिलचस्पी दिखाई है। उन्हें पक्की बोली सौंपने के लिए 10 मई तक का समय दिया जाएगा। यह जानकारी एक बैंकर ने दी है। उन्होंने बताया कि निवेशकों को बोली तैयार करने के लिए तीन हफ्तों का समय तो मिलना ही चाहिए। हालांकि, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स की हालिया घोषणा के मुताबिक, इसकी तारीख 30 अप्रैल थी। जेट एयरवेज के रिजॉल्यूशन प्लान को एसबीआई कैप्स देख रही है और बोली की प्रक्रिया उसकी निगरानी में ही चल रही है।

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