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एसी और इम्पोर्टेड कारों समेत 75 आइटम्स पर कस्टम ड्यूटी बढ़ी, मप्र में पेट्रोल-डीजल 4.5 रु. तक महंगा

नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। इसमें एसी और इंपोर्टेड कारों समेत 75 आइटम्स पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है। पेट्रोल-डीजल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी एक रुपए और रोड-कंस्ट्रक्शन सेस एक रुपए प्रति लीटर बढ़ाने का ऐलान किया गया। इसके अलावा सोने पर भी कस्टम ड्यूटी 10% से बढ़ाकर 12.5% कर दी गई। सीतारमण ने कहा, “कच्चे तेल के दाम पिछले कुछ समय में कम हुए हैं। इससे हमें पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी और सेस की समीक्षा करने का मौका मिला।”

अब तक पेट्रोल पर 17.98 रुपए और डीजल पर 13.83 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी थी। अब इसे एक रुपए बढ़ाया गया है। इसी तरह रोड और कंस्ट्रक्शन सेस भी एक रुपए प्रति लीटर बढ़ाया गया है। इसके अलावा बेस प्राइज पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगने के बाद लोकल सेल्स टैक्स और वैल्यू ऐडेड टैक्स में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम 4.50 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ गए। शुक्रवार को भोपाल में पेट्रोल 73.61 रुपए प्रति लीटर पर था, जो सुबह छह बजे बढ़कर 78.09 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया। वहीं, डीजल 65.63 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 70.03 रुपए प्रति लीटर हो गया। राज्यों के चुनाव से पहले अक्टूबर में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 1.5 रु. घटाई थी। नौ महीने बाद अब एक्साइज और सेस फिर बढ़ा दिए गए।

कच्चे तेल के दामों का असर पेट्रोल-डीजल पर नहीं पड़ा

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बावजूद घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल के रेट में ज्यादा इजाफा नहीं हुआ। 1 जनवरी से लेकर अब तक पेट्रोल के रेट में जहां 1.67 रुपए बढ़े, वहीं डीजल में करीब 1.86 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कच्चे तेल के दाम 53.8 डॉलर प्रति बैरल के अपने न्यूनतम स्तर 9 डॉलर प्रति बैरल पहुंच चुके हैं। अप्रैल में कच्चे तेल की कीमत 75 डॉलर तक चली गई थीं।

रक्षा बजट पर बड़ा असर होगा
रक्षा मंत्रालय ने कहा- यह बेहतर कदम है। भारत में न बनने वाले रक्षा उपकरणों के आयात को बेसिक कस्टम ड्यूटी से मुक्त रखा गया है। यह रक्षा बजट पर बड़ा प्रभाव डालेगा। अगले पांच सालों में कस्टम ड्यूटी के तौर पर खर्च होने वाले करीब 25 हजार करोड़ रुपए इससे बच पाएंगे।

बढ़ सकती है महंगाई
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई की आशंका बढ़ गई है। देश की अधिकांश परिवहन व्यवस्था डीजल वाहनों पर निर्भर है। डीजल की कीमत बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे वस्तुओं की कीमत बढ़ेगी।

क्या-क्या महंगा हुआ?

पेट्रोल-डीजलसिगरेट, हुक्का, तंबाकूसोना-चांदी
इम्पोर्टेड कारेंस्प्लिट एसीलाउडस्पीकर
वीडियो रिकॉर्डर्सआयातित किताबेंसीसीटीवी कैमरे
काजूआयातित प्लास्टिकटाइल्स, फ्लोरिंग
ऑप्टिकल फाइबरस्टील उत्पादआयातित ऑटो पार्ट्स
अखबार-मैगजीन के कागजमार्बल स्लैबफर्नीचर

क्या-क्या सस्ता हुआ?

इलेक्ट्रिक वाहनों के पुर्जेसेट टॉप बॉक्स
कैमरा मॉड्यूल, मोबाइल चार्जरविदेश में बने रक्षा उत्पादों का आयात
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