Saturday , March 23 2019
Home / विदेश / आतंकी मसूद : चीन के रवैये से 4 देश नाराज, दूसरा ऐक्शन लेने पर मजबूर

आतंकी मसूद : चीन के रवैये से 4 देश नाराज, दूसरा ऐक्शन लेने पर मजबूर

वॉशिंगटन:पुलवामा आतंकी हमले के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन ने एक बार फिर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अड़ंगा लगा दिया है। यह चौथा मौका था, जब चीन ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर प्रस्ताव को गिरा दिया, लेकिन इस बार सुरक्षा परिषद के सदस्य अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं। चीन ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, लेकिन भारत के लिए यह बड़ी बात है कि अन्य 4 स्थायी सदस्यों, अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस, ने मसूद पर बैन का समर्थन किया। सुरक्षा परिषद के जिम्मेदार सदस्यों ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वह अपनी इस नीति पर ही कायम रहता है तो भी अन्य कार्रवाइयों पर विचार किया जा सकता है। सुरक्षा परिषद के एक डिप्लोमैट ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा, ‘यदि चीन इस प्रस्ताव को रोकने की नीति जारी रखता है तो अन्य जिम्मेदार सदस्य सुरक्षा परिषद में अन्य ऐक्शन लेने पर मजबूर हो सकते हैं।

डिप्लोमैट ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि चीन की ओर से मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के प्रस्ताव पर अड़ंगे के बाद अन्य सदस्यों की यही राय है। इससे पहले भी चीन ने तीन बार मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो का इस्तेमाल कर अड़ंगा लगाया था। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी मसूद अजहर के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इसके बाद अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने का प्रस्ताव सुरक्षा परिषद में पेश किया था। अमेरिका ने भी इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि इस सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध सूची को अपडेट कराने के लिए हमारे प्रयास जारी रहेंगे। भारत में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सेंक्शंस कमिटी की सिफारिशों पर खुली चर्चा नहीं की जा सकती है। हम कहना चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध सूची में आतंकियों के नाम शामिल कराने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन के अलावा अन्य सभी सदस्य मसूद अजहर पर बैन के पक्ष में थे। चौथी बार चीन के वीटो करने पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने कहा कि आतंक के खिलाफ उसकी जंग जारी रहेगी।

भारत का कहना है कि वह अन्य सभी मंचों पर आतंकी सरगनाओं के खिलाफ अपनी बात रखेगा और न्याय की मांग करता रहेगा। चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो की शक्ति रखनेवाला सदस्य है और सबकी निगाहें चीन पर ही थीं जो पूर्व में भी अजहर को संयुक्त राष्ट्र से वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के भारत के प्रयासों में अड़ंगा डाल चुका था। इससे पहले भारत ने अमेरिका और फ्रांस के साथ पुलवामा आतंकी हमले के बाद कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज शेयर किए थे ताकि मसूद के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किया जा सके। फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘1267 अल कायदा सेंक्शन्स कमिटी’ के तहत अजहर को आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव 27 फरवरी को पेश किया था।

Loading...

Check Also

नफरत की राजनीति के बल पर आम चुनाव जीतना चाहती है मोदी सरकार: इमरान खान

इस्लामाबाद:पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर ...