Home / विदेश / आईएसआई की मदद से डी-कंपनी ने छापे 2 हजार के करोड़ों भारतीय नकली नोट

आईएसआई की मदद से डी-कंपनी ने छापे 2 हजार के करोड़ों भारतीय नकली नोट

नई दिल्ली: भारतीय खुफिया एजेंसियों द्वारा एकत्र जानकारी के आधार पर, काठमांडू पुलिस के एक विशेष दस्ते ने भगोड़े दाऊद इब्राहिम के नजदीकी यूनुस अंसारी और तीन पाक नागरिकों को 24 मई को त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से गिरफ्तार कर फर्जी भारतीय मुद्रा तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया।

करांची से नेपाल आने वाला अंसारी ने अपने मूल गंतव्य को छुपाने के लिए पासपोर्ट में कतर का स्टांप लगा रखा था, जहां से 7.67 करोड़ रुपए की नकली भारतीय मुद्रा से भरे चार सूटकेसों को रखा गया था। डी-कंपनी के लोग अपने मूल मार्ग करांची को छुपाने के लिए दोहा से काठमांडू जाने के लिए कतर एयरवेज के विमान में सवार होकर नेपाल आए थे।

सूत्रों ने कहा 2000 रुपए के भारतीय नोट की छपाई पाकिस्तान की इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (आईएसआई) करांची में एक उच्च सुरक्षा वाले प्रिंटिंग प्रेस में करवाती है, जबकि डी-कंपनी नकली भारतीय मुद्रा के वितरकों में से एक है।

समुद्र मार्ग के जरिए बड़ी संख्या में इस नकली मुद्रा की बांग्लादेश में तस्करी की जाती है।पिछले कुछ महीनों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने पश्चिम बंगाल की सीमा से लेकर हरियाणा के गुरुग्राम में इन नकली नोटों को जब्त किया है। खुफिया ब्यूरो के एक सूत्र ने बताया कि हाल के दिनों में जब्त नकली भारतीय मुद्रा की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। इसके बावजूद यह बाजार में यूवी काउंटरफीट डिटेक्शन डिवाइस की पकड़ में नहीं आने की स्थिति में जगह बना सकती है।

इसके अलावा नेपाल पुलिस द्वारा गिरफ्तार यूनुस अंसारी और नेपाल के तराई क्षेत्र के स्थानीय राजनीतिज्ञ बसरुद्दीन अंसारी भी कथित रूप से डी-कंपनी के संपर्क में था। बसरुद्दीन एक निजी संस्थान नेशनल मेडिकल कॉलेज चलाता है, जो कथित रूप से दाऊद द्वारा वित्तपोषित है।
इसके बदले बसरुद्दीन डी-कंपनी को नेपाल सीमा के जरिए भारत में नकली मुद्रा भेजने के लिए अपने सुरक्षित परिसरों को मुहैया कराता था। हालिया मुद्रा जब्ती के बाद, नेपाल सीमा पर तैनात भारतीय अर्धसैनिक बल एसएसबी को अलर्ट कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश-बिहार में सीमा शुल्क(निवारक) इकाई को भी सीमा पर विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया है।

Loading...

Check Also

सबसे खतरनाक वायरस, 8 करोड़ मौत 36 घंटे में पूरी दुनिया में हो सकती है

दुनिया के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती आने वाली है। ये चुनौती हवा में फैलने ...