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अलीगढ़ हत्याकांडः पीड़ित परिवार से मिले करणी सेना अध्यक्ष ने कहा, ऐसे प्रकरणों में हम कानून से ऊपर

अलीगढ़: देश की संसद को निर्मम मासूम हत्याओं या अन्य वीभत्स प्रकरणों के मामलों का कानून बदलना चाहिए। ऐसे प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई के साथ जल्द फांसी होनी चाहिए। अगर देश का कानून नहीं बदल सकते हो तो करणी सेना के पास बहुत सारे उपाय हैं। ऐसे प्रकरणों में करणी सेना कानून से ऊपर हो जाएगी और अपना कार्य करेगी।

यह बातें टप्पल बच्ची हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे करणी सेना अध्यक्ष सूरजपाल प्रधान ने पत्रकारों से कहीं। उन्होंने कहा कि देश गंगा जमुनी तहजीब का देश है। यहां बेटियों को पूजा जाता है। यह घटना परिवार के साथ-साथ देश के साथ भी हुई है। न्याय की कुर्सी पर बैठने वाले न्यायाधीशों से अनुरोध है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट हो या अन्य कोर्ट। इस प्रकरण में फांसी चाहिए। फांसी दे सकते हो तो बताओ। नहीं तो फांसी देना करणी सेना जानती है।

उन्होंने कहा कि मैं आज यहां पर परिवार के आंसु पोंछने नहीं आया हूं। आंसुओं का हिसाब तो तब होगा, जब दोषियों को सजा मिलेगी। देश की संसद सरेआम फांसी पर लटकाने का कानून पास कराए। या फिर न्यायाधीश निणय करें। ऐसी जितनी भी घटनाएं देश के अंदर हुई हैं। इन सभी प्रकरणों में हमको न्याय चाहिए। हम कानून से ऊपर नहीं है, लेकिन ऐसी घटनाएं होंगी तो कानून से ऊपर भी हैं।

यहां सांप्रदायिक रंग की बात नहीं है। बेटियां सबके यहां होती हैं। जिस घर से बेटी गई है। उस पिता व माता से पूछो क्या बीत रही है। कानून और संविधान इंसानों ने बनाए हैं। वह कैसे बदले जाएं। अंग्रेजों के जमाने का कानून आज भी हमारे ऊपर लादा हुआ है। इन कानूनों में बदलाव होना चाहिए। और ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई और त्वरित फांसी की सजा होनी चाहिए। ऐसा कर सकते हो तो करो, नहीं तो करणी सेना पर बहुत सारे उपाय हैं।

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