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नई दिल्ली। धर्म के नाम पर यौन शोषण करने वाले बलात्कारी बाबा के बाद अब जैनघर्म के एक धर्मगुरु पर शोषण का आरोप लगा है। हालंकि जैन धर्मगुरु ने आरोप से पूरी तरह इंकार कर दिया है। बुधवार को मुंबई की एक लड़की ने जैन धर्मगुरु नम्रमुनि पर शोषण का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़िता ने प्रधानमंत्री और महिला आयोग को शिकायत भेजी है। पीड़िता की शिकायत पर महाराष्ट्र महिला आयोग ने कहा कि जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

पीड़िता ने आरोप लगाया, नम्रमुनि महाराज साहेब हमेशा कहते थे कि गुरु को तन मन धन सब सौंप देना चाहिए, मुझे ऐसे ऐसे वाक्य से भ्रमित करते थे कि गुरु को सब सौंप देना चाहिए, आत्मा तो पहले से गुरु के पास होता है लेकिन तन भी देना पड़ता है, तन का भी भोग देना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा,जो गुरु मांगे, गुरु रात मांगे या दिन मांगे,आपका पूरा समय मांगे तो भी पहले आपके गुरु को सौंप देना चाहिए, गुरु रात को बुलाए तो रात को भी आना चाहिए, गुरु शाम को बुलाए शाम को भी आना चाहिए। इसके अलावा पीड़िता ने आगे बताया,भगवान का नहीं सुनना चाहिए कि भगवान ने शास्त्र में लिखा है कि सूर्यास्त के बाद साधु के पास नहीं जाना चाहिए, गुरु की मांग पहले होनी चाहिए, ऐसे कर के बहुत से तरीके से उन्होंने मेरे को विवश करते थे सेक्स के लिए या दूसरी तरीके से भी करते थे लेकिन मुझे अनुचित लगा।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि नम्रमुनि दुनिया के सामने अहिंसा और नम्रता का संदेश देते हैं,लेकिन पीठ पीछे दीक्षा के लिए लोगों को मजबूर करते हैं। नम्रमुनि पर आरोप लगा है कि उन्होंने लड़की के मां-बाप को दीक्षा के लिए अनुमति देने के लिए मजबूर किया बल्कि लड़की को भी मां-बाप के खिलाफ भड़काया।वहीं दूसरी ओर नम्रमुनि लड़की के आरोपों से इनकार कर रहे हैं, न्यूज चैनल से बात करते हुए नम्रमुनि ने कहा, आज तक हमने सिर्फ 18-20 दीक्षा दी है, आप उन लोगों से पूछ लो, किसी को जबरन दीक्षा नहीं दिलायी जा सकती। किसी के माता पिता पर दबाव नहीं डाला जाता है, जब कोई दीक्षा लेता है तो उसके माता पिता 5000 लोगों के सामने आज्ञापत्र पढ़ते हैं। उन्होंने कहा, कोई भी व्यक्ति जब अपनी भावनाओं को नहीं समझ पाता है, आरोप लगाने वाले की मनोस्थिति कैसी है ये नहीं समझा जा सकता है, हमारे यहां कई ऐसे लोग आते हैं।